उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की सहजनवां पुलिस ने गीडा इलाके के गहासाड़ रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर सोमवार को सुषमा (18) के शव मिलने के मामले में मोबाइल से पूरे घटना का राज खोलने की कोशिश शुरू कर दी है। आरोपी दरोगा नरेंद्र चौधरी और युवती के मोबाइल की सीडीआर निकालकर पुलिस जांच कर रही है। उधर, मंगलवार को एसपी नार्थ मनोज अवस्थी भी जांच में पहुंचे थे। परिवार के लोगों से बातचीत की गई और फिर पुलिस की मौजूदगी में अंत्येष्टि कराई गई। हालांकि, अभी परिवार वालों ने तहरीर नहीं दी है। बुधवार यानी आज इस मामले में परिवार की ओर से तहरीर आएगी। एसपी नार्थ ने कहा कि तहरीर जो आएगी उसके हिसाब से केस दर्ज होगा। मामला खुदकुशी का ही सामने आ रहा है।
डीजीपी ने इस मामले में संज्ञान लेकर एडीजी गोरखपुर को दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच कराने का आदेश भी दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को ट्रेन के ड्राइवर ने ट्रैक पर युवती का शव होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने छानबीन में पहचान करने के बाद पिता दिनेश प्रसाद को सूचना दी थी। इसके बाद ही मां ने एक दरोगा पर हत्या करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि बेटी को बुलाकर उसने ही दोस्तों के साथ मिलकर ट्रेन के आगे फेंककर हत्या कर दी है। हालांकि, ट्रेन ड्राइवर ने मेमो में खुदकुुुशी करने की जानकारी दी। मां के आरोप लगाने का आधार यह है कि 28 अप्रैल 2020 को दरोगा ने छेड़खानी करने के साथ ही अपहरण की कोशिश की थी और तब से ही वह परेशान करता था। विरोध करने पर क्रोधित होकर उसने हत्या की है।
उधर, दरोगा का नाम एक बार सुर्खियों में आने के बाद से पुलिस महकमे की किरकिरी हुई है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीजीपी ने भी एडीजी को विभागीय जांच का आदेश दिया है, ताकि सच सामने आ पाए। पुलिस ने भी साफ कर दिया है कि तहरीर आने पर केस उसी हिसाब से दर्ज किया जाएगा। परिवार के लोग दुखी होने की वजह से अभी तहरीर नहीं दे पाए है। पिता व अन्य लोग अंत्येष्टि के बाद घर गए, जिसके बाद बुधवार को तहरीर देने का फैसला लिया गया है।