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जालसाजी का सीसीटीवी फुटेज मिला: दिल्ली से चले थे जालसाज, रास्ते में भी की वारदातें

Mon, 18 Sep 2023 03:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह का कहना है कि इस प्रकरण की जांच में सामने आया है कि ठग दिल्ली से चले हैं और रास्ते में रुकते हुए गोरखपुर पहुंचे हैं। फिर यहां पर वारदात करके फरार हो गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के मोहद्दीपुर में एटीएम कार्ड फंसाकर जालसाजी करने की घटना दिल्ली से आए जालसाजों ने की है। अब तक की जांच में पता चला है कि जालसाज दिल्ली, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, देवरिया में भी रुके थे। आशंका है कि यहां पर भी इन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है।

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आरोपियों को दिल्ली से चलकर गोरखपुर पहुंचने में चार दिन का समय लगा है। पुलिस को अन्य जिलों से भी कुछ फुटेज मिले हैं। अब इसी आधार पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर आरोपियों को दबोचने की कोशिश में लगी है। उधर, साइबर एक्सपर्ट भी ठगों की माॅनीटरिंग कर पुलिस के संपर्क में बने हैं।

जानकारी के मुताबिक, मोहद्दीपुर, कैंट निवासी धीरज गुप्ता के साथ 9 सितंबर 2023 की शाम में घटना हुई थी। उन्होंने कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि एटीएम मशीन से रुपया निकालने गया तो कार्ड मशीन में फंस गया।
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कई बार कोशिश करने के बाद भी एटीएम कार्ड नहीं निकल रहा था। तब मेरी नजर सामने लिखे हेल्प लाइन नंबर पर पड़ी। उस नंबर पर फोन किया। जालसाजों ने जैसे-जैसे बताया वैसे-वैसे करते गए। कार्ड नहीं निकलने पर जालसाज ने शाम सात बजे टेक्नीशियन भेजने की बात कही और जालसाजी कर ली।

साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह का कहना है कि इस प्रकरण की जांच में सामने आया है कि ठग दिल्ली से चले हैं और रास्ते में रुकते हुए गोरखपुर पहुंचे हैं। फिर यहां पर वारदात करके फरार हो गए हैं।

कार्ड फंसने पर ऐसे करें बचाव
  • किसी अंजान आदमी से मदद न मांगे।
  • बैंक के आधिकारिक वेबसाइट या फोन नंबर पर ही संपर्क करें।
  • कम निगरानी वाले एटीएम बूथों का इस्तेमाल करने से बचें।
  • कार्ड फंसने पर उसे अस्थायी रूप से ब्लाॅक भी करवा सकते हैं।
  • मोबाइल फोन पर ओटीपी, कार्ड नंबर या सीवीवी की जानकारी देने से बचें।
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