फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: पीएनबी घोटाले में जांच के लिए फिर विकास भवन पहुंची सीबीआई, मचा हड़कंप

Thu, 22 Jul 2021 08:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

वर्ष 2012 से 15 के बीच सरकारी योजनाओं के डमी अकाउंट खोल पांच करोड़ के गबन का मामला, तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत पांच पर केस, कुछ विभागों के अफसरों, कर्मियों पर भी संदेह।
विज्ञापन
पीएनबी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर में पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (लखनऊ) ने जांच तेज कर दी है। बैंक के अफसरों-कर्मचारियों के अलावा समाज कल्याण समेत कुछ अन्य विभागों  के एक कर्मचारियों से पूछताछ समेत कुछ और जरूरी दस्तावेज हासिल करने के लिए सीबीआई के अफसर बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचे।

विज्ञापन


टीम ने मंगलवार को भी इस मामले में कुछ लोगों से संपर्क किया था। सीबीआई के दो अफसरों के अचानक धमकने की सूचना से विकास भवन के कई विभागों में सनसनी का माहौल रहा। उनकी तफ्तीश, पूरे दिन विभागों में चर्चा का विषय बनी रही।
इस मामले में सीबीआई बैंक समेत विभिन्न विभागों के अफसरों, कर्मचारियों को लखनऊ में बुलाकर कई बार घंटों पूछताछ कर चुकी है। 2019 में 23 और 24 सितंबर को समाज कल्याण विभाग के दो कर्मचारियों से पूछताछ के बाद विभिन्न योजनाओं से जुड़े दस्तावेज तलब किए गए थे।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि इस मामले में बैंक अफसरों, कर्मचारियों के साथ ही जिले के कुछ अन्य विभागों के भी पूर्व व वर्तमान अफसर-कर्मचारी फंस सकते हैं। प्रारंभिक तौर पर अभी करीब पांच करोड़ रुपये का घोटाला आंका जा रहा है। मगर सूत्र बताते हैं कि जांच में यह रकम और बढ़ सकती है।

सीबीआई के दो अफसरों ने बृहस्पतिवार को बैंक के अलावा समाज कल्याण विभाग, डीपीआरओ कार्यालय समेत कुछ एक और विभागों के अफसरों-कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही कुछ दस्तावेज मांगे। समाज कल्याण विभाग में अफसरों ने पूर्व में भेजी गई छात्रवृत्ति की सूची मांगी। मगर विभाग ने बताया कि सूची पुरानी होने की वजह से उनके पास नहीं है। लखनऊ से मिलेगी। टीम के शुक्रवार को लखनऊ प्रस्थान करने की उम्मीद है।
 

विज्ञापन

बैंक में 15 डमी अकाउंट खोलकर हुआ खेल

आरोप है कि पूर्व प्रबंधक एसएन चौबे ने बैंक के अपने अन्य अफसरों, कर्मचारियों के सहयोग से वर्ष 2012 से 2015 के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के 15 डमी अकाउंट खोलकर करीब पांच करोड़ रुपये निकाल लिए। इन योजनाओं में छात्रवृत्ति, वृद्धा-विधवा पेंशन, महामाया आर्थिक मदद, रानी लक्ष्मी बाई योजना, विकलांग पेंशन समेत कुछ अन्य योजनाएं शामिल हैं। सीबीआई ने इस मामले में पूर्व ब्रांच मैनेजर एसएन चौबे समेत बैंक के पांच अफसरों, कर्मचारियों के साथ ही कई अन्य अज्ञात पर अप्रैल 2017 में मुकदमा दर्ज किया था।

इन पर दर्ज है केस
ब्रांच मैनेजर, श्यामा नंद चौबे
लोन इंचार्ज, प्रदीप कुमार जायसवाल
लोन इंचार्ज, ओम प्रकाश मल्ल
हेड कैशियर, राजेंद्र कुमार
चपरासी, अरविंद कुमार
कई अन्य अज्ञात

इन खातों से हुआ फर्जीवाड़ा
तत्काल खाता नंबर 4755002100000082- संग्रह खाता
तत्काल खाता नंबर 0183010100015950- छात्रवृत्ति खाता
तत्काल खाता नंबर 4755005500000014- वृद्धा पेंशन योजना
तत्काल खाता नंबर 4755005500000023- विधवा पेंशन योजना
तत्काल खाता नंबर 4755005500000032- विकलांग पेंशन योजना
तत्काल खाता नंबर 4755005500000041- छात्रवृत्ति (पिछड़ा वर्ग)
तत्काल खाता नंबर 4755005500001197- संग्रह खाता छात्रवृत्ति
तत्काल खाता नंबर 4755002100000050- छात्रवृत्ति (सामान्य)
तत्काल खाता नंबर 4755005500000117- महामाया आर्थिक मदद योजना
बचत खाता नंबर 4755000100025276- संग्रह खाता
बचत खाता नंबर 4755000100027937- रानी लक्ष्मी बाई योजना
बचत खाता नंबर 4755000100027946- वृद्धा पेंशन योजना
बचत खाता नंबर 4755000100027955- विधवा पेंशन योजना
बचत खाता नंबर 4755000100029591- संग्रह खाता (टू)
बचत खाता नंबर 4755000100029856- संग्रह खाता- लोहिया योजना

विकास भवन शाखा पीएनबी प्रबंधक मैनेजर सिंह ने कहा कि सीबीआई की टीम आई थी। मामला काफी पुराना है। उन्होंने कुछ मामलों में पूछताछ की। जो भी जानकारी मांगी जा रही है, मुहैया कराई जा रही है।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें