कोर्ट के आदेश पर संतकबीरनगर जिले के कोतवाली पुलिस ने विधायक मेंहदावल और सीएमओ के खिलाफ षड्यंत्र और जालसाजी का केस दर्ज किया। कोतवाल मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि मेंहदावल विधायक राकेश सिंह बघेल के खिलाफ वर्ष 2010 में हत्या के प्रयास और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत बखिरा थाने में केस दर्ज हुआ था।
इस मामले का विचारण एमपी-एमएलए विशेष न्यायाधीश दीप कांत मणि की कोर्ट में चल रहा है। इसी मामले में नौ अक्तूबर को विधायक राकेश बघेल के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में गैर हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया और कहा गया कि विधायक कोविड-19 से संक्रमित हैं। प्रार्थना पत्र के साथ एंटीजन परीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। कोर्ट ने एंटीजन परीक्षण रिपोर्ट के संबंध में सीएमओ से रिपोर्ट मांगी। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह की ओर से विधायक के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दी गई।
विधायक के जरिए सेल्फ आइसोलेशन का अंडर टेकिंग व डॉ. मुबारक अली द्वारा तैयार एसिम्टोमेटिक कोविड-19 होम आइसोलेशन चेकलिस्ट प्रस्तुत की गई। होम आइसोलेशन एवं क्वारंटीन के सदस्य डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि होम आइसोलेशन अवधि में विधायक घर पर नहीं मिले। इस अवधि में उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसी प्रकार होम आइसोलेशन टीम के सदस्य आशीष विश्वकर्मा की ओर से दो बार उनके घर जाने और दोनों तिथियों में उनके घर पर मौजूद न मिलने की बात कही गई।
कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के रोकथाम के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम में दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके सीएमओ की ओर से विधायक के घर पर मौजूद न रहने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विधायक के आरटीपीसीआर परीक्षण कराने के आदेश का अनुपालन भी नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर विधायक राकेश सिंह बघेल और सीएमओ हर गोविंद सिंह के खिलाफ षड्यंत्र और जालसाजी आदि धाराओं में केस दर्ज किया गया।