देवरिया जिले के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल की इमरजेंसी में एडीएम प्रशासन के छापे में पकड़े गए युवकों के मामले में दो फार्मासिस्ट समेत दस लोगों पर केस दर्ज हुआ है। रविवार रात पुलिस ने आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
शनिवार रात में इमरजेंसी में एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, एसडीएम सौरभ सिंह ने छापा मारकर नौ लोगों को पकड़ा था। रविवार को एडीएम प्रशासन ने प्राचार्य डॉ. एएम वर्मा, डॉ.एचके मिश्र और डॉ. एनके पांडेय को कोतवाली बुलाया। पकड़े लोगों से एडीएम ने एक दरोगा से बयान नोट करवाया।
इसके बाद मामले में इमरजेंसी के ईएमओ डॉ. एनके पांडेय ने पुलिस को तहरीर दी। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई के दिन ड्यूटी पर तैनात रहे चीफ फार्मासिस्ट बलराम यादव, फार्मासिस्ट एमएस सिद्दीकी, विरेंद्र जायसवाल निवासी भटवलिया, पिंटू भारती निवासी भटनी खास, औबेदूल्लाह निवासी पिपरा मदनगोपल, सरफुद्दीन निवासी सुरौली पैकौली थाना भलुअनी, सलामुद्दीन अलीनगर सदर कोतवाली, स्वतंत्र यादव मोहद्दीनपुर गोरखपुर, वीरेंद्र भाष्कर, मुरली गुप्ता के खिलाफ जालसाली, धोखाधड़ी और इंडियन मेडिकल काउंसिंल एक्ट के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।