गोरखपुर जिले के भटहट विकास खंड के करमहां बुजुर्ग गांव के प्रधान पति मनोज कुमार, पूर्व प्रधान गुड्डी देवी और इंडियन बैंक कर्मी पर गुलरिहा थाने में शनिवार को केस दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर 11 लाख 86 हजार रुपये सरकारी धन का व्यक्तिगत इस्तेमाल किया है। सभी को जालसाजी, अमानत में खयानत, पद का दुरुपयोग और आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी सुनील कुमार यादव की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच छानबीन शुरू कर दी है।
थाने में दी गई तहरीर में सुनील कुमार यादव ने लिखा है कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम निधि के खातों की जांच कराई थी। जांच में सामने आया कि 11 लाख 86 हजार रुपये को पूर्व प्रधान, प्रधान पति और बैंककर्मी की मिलीभगत से 112 चेक का इस्तेमाल कर निकाला गया है। रुपये का इस्तेमाल ग्राम विकास के किसी काम में न करके व्यक्तिगत किया गया है।
तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में गबन का मामला उजागर होने के बाद डीएम को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। डीएम ने जांच रिपोर्ट पढ़ने के बाद 23 मई को केस दर्ज कराने का आदेश दिया था, जिसके बाद सहायक विकास अधिकारी ने केस दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
जांच में ग्राम सचिव दोषी पर तहरीर में नहीं बनाया आरोपी
पुलिस को दी गई तहरीर में जिस जांच रिपोर्ट का जिक्र किया गया है, उसमें इस पूरे मामले के पीछे ग्राम सचिव की भूमिका भी सामने आई है। साफ लिखा है कि ग्राम सचिव को समय-समय पर रोकड़ बही और बैंक स्टेटमेंट का अनुश्रवण करने का दोषी पाया गया। लेकिन, तहरीर के अंत में जहां पर आरोपी बताया गया है, जिस आधार पर केस दर्ज हुआ है, उसमें ग्राम सचिव का जिक्र ही नहीं किया गया है। उसमें सिर्फ प्रधान पति, पूर्व प्रधान और तत्कालीन बैंक कर्मी को दोषी बताया गया है।