इस तरह काम करता है एप
सात साल से अधिक उम्र के टीबी मरीजों, संभावित और संपर्क में रह रहे लोगों की वाइस रिकॉर्डिंग की गई। पहले संबंधित व्यक्ति, मरीज का पूरा डाटा भरा गया। इसके बाद अलग-अलग चार चरणों में रिकॉर्डिंग की गई। पहले चरण में एक से 10 तक गिनती गिनाई गई। दूसरे में खांसी की आवाज, तीसरे में अ, आ, ई इन तीन अक्षर को तीन-तीन बार बुलवाया गया। चौथे चरण में बैकग्राउंड आवाज रिकॉर्ड की गई।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने का कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सॉल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी के लिए 134 लोगों के सैंपल जिले से सेंट्रल टीबी डिवीजन को भेजे गए हैं। रिपोर्ट वहां से जारी की जाएगी।