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उद्यमियों ने गीडा की जमीन की बढ़ती कीमत पर जताई आपत्ति, कहा- गुजरात और महाराष्ट्र में भी गीडा से सस्ती है जमीन

Wed, 01 Jul 2020 09:17 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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उद्योग बंधु की मंगलवार को हुई बैठक में उद्यमियों ने गीडा की जमीन की बढ़ती कीमत पर आपत्ति जताई। उद्यमियों ने कहा कि गीडा की जमीन की कीमत हरेक साल 50 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है। इसकी वजह से यहां जमीन की खरीद फरोख्त का धंधा चरम पर पहुंच गया है।

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स्थिति यह हो गई है कि गीडा में जमीन की कीमत गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से भी ज्यादा है। ऐसे में उद्योगपतियों के लिए उद्योग लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। गीडा सीईओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक के दौरान उद्योगों और उद्यमियों की समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक शुरू होते ही उद्यमियों ने गीडा में लगातार बढ़ रही जमीन की कीमत का मुद्दा उठाया। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने कहा कि पिछले वर्ष गीडा में जमीन की कीमत 4400 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी।

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इस साल यह बढ़कर 6800 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई है। पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुर में गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से भी महंगी जमीन मिल रही है। फैक्ट्री लगाने में जमीन की कीमत प्रोजेक्ट कास्ट का 10 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

यहां 40 से 50 फीसदी कास्ट जमीन की खरीद में ही लग जा रही है। गीडा सीईओ संजीव रंजन ने कहा कि गीडा में जमीन की कीमत मानक के आधार पर ही बढ़ी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जमीन के री-सेल आदि पर अंकुश लगाया जाएगा।

बैठक में नगर निगम के किसी जिम्मेदार के मौजूद नहीं रहने पर एडीएम ने नाराजगी जताई। बैठक के बाद अधिकारियों ने महिलाओं के स्व-रोजगार के प्रयास को देखा। बैठक में आलोक अग्रवाल, सुमित कक्कड़, उमेश छापड़िया, आदित्य जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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