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नकली सोना बेचने का मामला: हॉलमार्क का फर्जी खेल खेलने वालों के नाम भी उगल गया तिकड़मी सराफ

Wed, 29 Mar 2023 02:32 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

दोहरीघाट निवासी अमर जौहरी राजघाट में आर्टिफिशियल गहनों की बिक्री का लाइसेंस लेकर व्यापार करता था। सोमवार को सराफा व्यापारियों ने संदेह के आधार पर पकड़ा और फिर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने आरोपी की दुकान से 12.5 किलो नकली सोना बरामद कर लिया।
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प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते सर्राफा व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर के राजघाट इलाके के सराफा बाजार में आर्टिफिशियल गहनों पर सोने की परत चढ़ाकर और हॉलमार्क लगाकर शुद्ध सोने का बताकर बेचने के आरोपी सराफा व्यापारी अमर जौहरी को जेल भेज दिया गया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। पूछताछ में आरोपी ने हॉलमार्क की मदद से फर्जीवाड़ा करने वालों के नाम भी उगले हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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जानकारी के मुताबिक, दोहरीघाट निवासी अमर जौहरी राजघाट में आर्टिफिशियल गहनों की बिक्री का लाइसेंस लेकर व्यापार करता था। सोमवार को सराफा व्यापारियों ने संदेह के आधार पर पकड़ा और फिर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने आरोपी की दुकान से 12.5 किलो नकली सोना बरामद कर लिया।

इसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ कूटरचित तरीके से जालसाजी, कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसओ राजघाट राजेंद्र सिंह का कहना है कि दर्ज केस की विवेचना जारी है। पुलिस जांच के आधार पर धंधे में जुड़े लोगों पर कार्रवाई करेगी।
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नई कार्यकारिणी गठन में फोटो खिंचवाई, अब खुद हुए किनारे

25 मार्च को बनाए गए तथाकथित फर्जी संगठन गोरखपुर सराफा व्यापार मंडल के मंत्री पद की शपथ प्रेमनाथ वर्मा ने ली थी। संगठन की सामूहिक फोटो में भी गले में माला पहने उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। मंगलवार को उन्होंने प्रेस नोट जारी कर कहा कि उन्हें धोखे से इस संगठन में जोड़ लिया गया था।

हालांकि, वार्ता के दौरान प्रेमनाथ वर्मा सभागार में नहीं थे। सराफा मंडल के आधिकारिक पत्र पर उनके नाम से अपना पक्ष लिखा था। इसमें उन्होंने कहा है कि कुछ व्यापारी विरोधी लोगों की बातों में आकर थोड़ा पथभ्रमित हो गया था। संगठन के लोगों ने मुख्यमंत्री का नाम बताकर संगठन से जुड़ने को कहा। दूसरे दिन पता चला कि संगठन बनाने वालों की तरफ से मुख्यमंत्री और सराफा मंडल को बदनाम करने के लिए दूसरे संगठन का गठन किया गया था। अब इस संगठन से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है।

मुख्यमंत्री की छवि खराब कर रहा फर्जी गोरखपुर सराफा मंडल : पीडी जैन
दो दिन पहले बना फर्जी गोरखपुर सराफा व्यापार मंडल मुख्यमंत्री की छवि को खराब कर रहा है। इस संगठन का गठन सीएम योगी की छवि को प्रभावित करने के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री का फोटो लगाकर उनके नाम से इस संगठन का गठन किया गया है, जो पूरी तरह गलत है। इसकी जानकारी संगठन को सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से हुई।

इसे भी पढ़ें: हॉलमार्क के गोलमाल का खेल: लखनऊ तक पहुंची धमक...24 घंटे में निकल गई नकली सोने की परत

ये बातें सराफा मंडल (रजिस्टर्ड) के संरक्षक पीडी जैन ने कहीं। मंगलवार को गोरखपुर क्लब में संगठन की तरफ आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि संगठन का गठन पूरी तरह से फर्जी है। राधा कांत वर्मा ने सराफा मंडल के महामंत्री का भी चुनाव लड़ा था। वो हार गया था। 100 से भी कम वोट मिले थे। इसी हताशा में फर्जी तरीके से इस संगठन का गठन किया गया है। कहा, पूरे मामले की जानकारी मंदिर में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दी जाएगी। वहीं, अध्यक्ष गणेश वर्मा ने कहा कि 25 तारीख को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो लगाकर गलत तरीके से एक संगठन का गठन किया गया था। ये सभी असामाजिक तत्व हैं और उनके द्वारा मुख्यमंत्री की छवि को व्यापारियों के बीच में दुष्प्रचारित करने के लिए किया गया। बोले, इस संगठन के बनने के बाद सभी सराफा कारोबारियों के बीच नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन से वार्ता के दौरान अपील करते हुए कहा कि इस संगठन की जांच होनी जरूरी है। इसमें शामिल सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

फर्जी हॉलमार्किंग सेंटर पकड़ना बड़ी जिम्मेदारी
संगठन के पदाधिकारियों ने बात-बात में पुलिस और प्रशासन के लोगों को भी उनकी जिम्मेदारी याद दिलाई। बोले, फर्जी हालमार्किंग वाले व्यापारी को तो गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, ये बाजार में आया कहां से, इसकी जांच करना जरूरी है। ऐसे फर्जी सेंटरों को बंद करवाना जरूरी है।





 
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