इस बुढ़वा मंगल (26 जनवरी) पर गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। पुलिस, प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं। यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। मकर संक्रांति के बाद बुढ़वा मंगल पर ही गोरखनाथ मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी का कहना है कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जितना महत्व मकरसंक्रांति को गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का है, उतना ही बुढ़वा मंगल को भी है।
दो दिन बदली रहेगी शहर की यातायात व्यवस्था
बुढ़वा मंगल पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए महानगर क्षेत्र में दो दिन यातायात मार्ग को परिवर्तित किया गया है। 25 जनवरी की रात दस बजे से 27 की रात 11 बजे तक मंदिर की ओर वाहन नहीं जाएंगे।
इन रास्तों पर नहीं जाएंगे वाहन
- दुर्गाबाड़ी तिराहा से गोरखनाथ ओवरब्रिज के नीचे रेलवे क्रसिंग से उत्तर गोरखनाथ मंदिर की ओर
- तरंग ओवरब्रिज से उत्तर पश्चिम हुमायूंपुर चैराहा होकर गोरखनाथ मंदिर की तरफ
- रामलीला मैदान से सिंधी गली से गोरखनाथ मंदिर की तरफ
- जेपी अस्पताल से ओवरब्रिज होकर गोरखनाथ मंदिर की तरफ
- रसूलपुर तिराहा से गोरखनाथ मंदिर की तरफ
- दशहरी बाग तिराहा से गोरखनाथ मंदिर की तरफ
- कौड़ियहवा मोड़ से गोरखनाथ मंदिर/गोरखनाथ थाना की तरफ
- जाहिदाबाद तिराहा से गोरखनाथ मंदिर की तरफ