बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती। (फाइल)
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बसपा, ब्राह्मण-भूमिहारों को जोड़कर सत्ता पाने की जुगत में लग गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा ने ब्राह्मणों को जोड़कर सहेजने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। अब हर जिले में सम्मेलन होगा, जिसमें पार्टी के सभी ब्राह्मण विधायक, सांसद और बड़े नेताओं को मंच पर स्थान दिया जाएगा। इसकी कमान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को दी गई है। ब्राह्मण भाईचारा कमेटी भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगी। हर बूथ पर बैठक करके ब्राह्मण व भूमिहार समाज को जोड़ने का काम किया जाएगा।
बसपा के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यूपी में साढ़े बारह फीसदी ब्राह्मण व पांच फीसदी भूमिहार हैं। किसी भी राजनीतिक दल की सरकार बनाने में समाज के इन वर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। लिहाजा, विधानसभा चुनाव से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ब्राह्मण व भूमिहारों को जोड़ने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इसी क्रम में ही हर जिले में ब्राह्मण सम्मेलन किए जा रहे हैं। अयोध्या में सम्मेलन हो चुका है। जल्द ही गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारी में ब्राह्मण भाई चारा समिति जुटी है। सम्मेलन में समाज के जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार टिकट वितरण में ब्राह्मणों का खास ख्याल रखा जाएगा। संदेश देने का प्रयास होगा कि बसपा ही ब्राह्मणों की असली हितैषी है।
बूथ स्तर पर सभाएं करेंगे बड़े पदाधिकारी
पार्टी ने अब बूथ स्तर पर लोगों को जोड़ने की कवायद शुरू की है। इसके लिए सभी बड़े पदाधिकारी बूथ स्तर पर सभाएं करेंगे। इसकी शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर ने सेक्टर स्तर पर सभाएं कर के की है। अब सेक्टर स्तर के पदाधिकारी सभाएं करेंगे।
ब्राह्मण और भूमिहार समाज के लोगों को सक्रिय सदस्य बनाने के लिए काम किया जा रहा है। हर विधानसभा में एक हजार सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य है। पार्टी की ओर से दिशा निर्देेेश मिले हैं, जिस पर काम हो रहा है। विधानसभा चुनाव के पहले गांव-कस्बों तक ब्राह्मण समाज की मजबूत टीम तैयार हो जाएगी। -अमर चंद दुबे, सेक्टर संयोजक, सामाजिक भाईचारा कमेटी
अब ग्राम प्रधानों के सहयोग से लाभार्थियों को करेंगे जागरूक
भ्रांतियों को दूर कर लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए करेंगे प्रेरित
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के लिए अब ग्राम प्रधानों के सहयोग से लाभार्थियों को जागरूक किया जाएगा। योजना के बारे में सभी लाभार्थियों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए जिले के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की मदद ली जाएगी। इसके लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर ग्राम प्रधानों के लिए चिट्ठी भेजी जा चुकी है। सीएचसी के माध्यम से आशा कार्यकर्ता गांव-गांव इन चिट्ठियों को ग्राम प्रधानों तक पहुंचाएंगी।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 1252 ग्राम प्रधानों के लिए तैयार पत्र का प्रिंट आउट सीएचसी को भेजा जा चुका है। पत्र के जरिये योजना के बारे में जानकारी देते हुए आयुष्मान कार्ड (गोल्डन) की महत्ता बताई गई है। नए ग्राम प्रधानों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह अपने गांव के लाभार्थियों को योजना के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे और जिनका कार्ड नहीं बना है, उन्हें कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करेंगे।
पांच लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा
योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि योजना का लाभ अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही प्राप्त होता है। इसके तहत पांच लाख तक के इलाज की सुविधा नि:शुल्क मिलती है। एक वित्तीय वर्ष में अगर योजना का लाभ नहीं लिया जाता है तो पांच लाख की नि:शुल्क सुविधा अगले वित्तीय वर्ष में नहीं जुड़ती है। किसी भी सरकारी अस्पताल और संबद्ध निजी अस्पताल से योजना का लाभ लेने के लिए वहां मौजूद आरोग्य मित्र की मदद ली जा सकती है।
जिले में 3.6 लाख लाभार्थी परिवार
योजना के जिला सूचना एवं तकनीकी प्रबंधक शशांक शेखर ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के करीब 3.6 लाख लाभार्थी परिवार हैं। इन परिवारों में से करीब 3.44 लाख लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बने हैं।