30 हजार निर्वाचन कर्मियों से खुद के साथ पत्नी और बेटियों को भी वोटर बनाने की अपील। आज एक मुहिम महत्वपूर्ण व्यक्तियों तो कल मतदान कार्मिकों के नाम का विशेष अभियान।
गोरखपुर जिले की वोटर लिस्ट में लिंगानुपात के मुताबिक आधी आबादी की भागीदारी कम होने पर निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने संजीदगी दिखाई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला के निर्देश के बाद उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने इस अनुपात को सही करने के लिए अलग तरह के अभियान की शुरूआत की है।
विज्ञापन
उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार को निर्देश दिया है कि इस दौरान लोगों को अपनी पत्नी, बहु और बेटियों को वोटर बनाने के लिए जागरूक करें। साथ ही 22 को एक मुहिम महत्वपूर्ण व्यक्तियों के नाम चलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी बीएलओ गांव से लेकर शहर तक में सभी जनप्रतिनिधियों के घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। नहीं होने की दशा में उनसे वोटर फार्म भरवाकर सभी के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे।
महिला सदस्यों को वोटर बनाने पर विशेष जोर रहेगा। इसी तरह 23 को एक मुहिम मतदान कार्मिकों के नाम अभियान चलेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि जिले में करीब 32 हजार मतदान कार्मिक हैं। इनमें कई दूसरे जिलों के रहने वाले हैं। ज्यादातर वोटर नहीं है। ऐसे में यहां छह महीने से अधिक समय से तैनात सभी कार्मिकों के साथ ही उनकी पत्नी और बेटी को वोटर बनाया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले की जनगणना रिपोर्ट के मुताबिक जिले में महिला लिंगानुपात 1000 पर 940 का है जबकि वर्तमान विधानसभा मतदाता सूची का अनुपात 821 ही है। इस समय जिले में करीब 19 लाख पुरुष व 16 लाख महिला मतदाता है। अभियान में दो लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य है।
घर बैठे भी कर सकते हैं आवेदन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वोटर बनने के लिए बीएलओ को तलाशने या उनके पीछे घूमने की भी जरूरत नहीं है। कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने स्मार्ट फोन के जरिए नेशनल वोटर सर्विस (एनवीएस) पोर्टल पर जाकर ओटीपी की मदद से लॉगिन और यूजर आईडी बना सकता है। इसके बनने के बाद वह वोटर बनने के साथ ही मतदाता सूची की खामियों को भी दुरुस्त करने के लिए आवेदन कर सकता है। पूर्व में वोटर बनने के लिए ऑनलाइन सर्विस को लेकर तमाम शिकायतें आने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि वह खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा जिला निर्वाचन कार्यालय और तहसील कार्यालयों में मतदाता आवेदन पत्र जमा किया जा सकता है।
दो दिनों के विशेष कार्यक्रम के बाद हर बूथ पर चलेगा अभियान
दो दिनों के विशेष कार्यक्रम के बाद हर बूथ और लोकेशन पर अभियान चलाकर महिलाओं के नाम जोड़े जाएंगे। जिले में 3870 बूथ हैं और 2053 लोकेशन। बूथों पर 25 जुलाई को बीएलओ को माला पहनाया जाएगा और सुबह, दोपहर, शाम को मतदाता सूची पढ़कर सुनाया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाएंगे और जिन घरों के महिलाओं का नाम शामिल नहीं होगा, उनका नाम शामिल करेंगे।
महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए हर बूथ पर नामावली मित्र बनाने की भी तैयारी है। ये बीएलओ से अलग होंगे। जिसे नामावली मित्र बनाया जाएगा, वह उसी बूथ का मतदाता होगा। यह जिम्मेदारी एक से अधिक लोगों को भी दी जा सकती है। उन्हें पहचान पत्र भी दिया जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जनगणना 2011 के मुताबिक जिले का लिंगानुपात एक हजार पुरुषों पर 944 महिलाओं का है जबकि मतदाता सूची में केवल 821 महिलाएं ही हैं। महिलाओं की संख्या बढ़ाकर 944 करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा जो 22 जुलाई से शुरू होगा।
घर पहुंचेगा मतदाता पहचान पत्र
वोटर बनने के लिए एनवीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने वाले मतदाताओं के पहचान पत्र उनके घर के पते पर पहुंचेंगे। इसके लिए उन्हें बीएलओ, निर्वाचन कार्यालय या फिर तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।