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कोरोना का असर: कोविड के बाद मानसिक समस्या का कारण पता करेगा बीआरडी, इन खास लोगों को मिली है इसकी जिम्मेदारी

Mon, 12 Jul 2021 03:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

मानसिक विभाग ने दो छात्रों को दी इसकी जिम्मेदारी। छह माह तक दोनों छात्र करेंगे मरीजों का डाटा एकत्रित।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड के बाद मरीजों की मानसिक समस्याओं के कारणों का पता लगाया जाएगा। संक्रमण से मुक्ति के बाद लोगों के शरीर में तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। इन सबके बीच सबसे बड़ी समस्या मानसिक रोग की है। इनमें कइयों की हालत चिंताजनक है। मानसिक रोग विभाग में शोध के लिए दो छात्रों को जिम्मेदारी मिली है। यह छात्र छह माह तक मरीजों का डाटा इकट्ठा करेंगे, जिससे की मानसिक समस्याओं के सही कारणों का पता चल सके।
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जानकारी के मुताबिक कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। बीआरडी से लेकर जिला अस्पताल और एम्स की ओपीडी में ऐसे सैकड़ों मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन, सबसे अधिक दिक्कतें मरीजों को मानसिक समस्याओं की है। इसका प्रमाण है कि मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 और जिला अस्पताल की ओपीडी में 60 से 70 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में पोस्ट कोविड के 70 प्रतिशत से अधिक मरीज हैं। इन मरीजों में तमाम तरह की मानसिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. तपस कुमार ने बताया कि ओपीडी खुलने के बाद कोरोना से ठीक हो चुके मरीज कई तरह की मानसिक समस्या लेकर आ रहे हैं। इनमें लोगों को नींद न आना, उलझन, डरावने सपने, प्रतिबिंब दिखना जैसी समस्याएं शामिल हैं। इनकी काउसिंलिंग के साथ-साथ दवाएं भी दी जा रही है जिससे कि लोग परेशानियों से उबर सकें।
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शुगर के मरीजों में समस्या ज्यादा देखने को मिल रही

इन मरीजों में 80 प्रतिशत को शुगर की बीमारी है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण का असर फेफड़े पर होना स्वाभाविक है। लेकिन, शुगर के मरीजों को मानसिक समस्याएं अधिक हो रही हैं। यह ज्यादा खतरनाक है। शोध का मकसद है कि आखिर शुगर के मरीजों में किन वजहों से मानसिक समस्याएं अधिक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या अब रुकेगी नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में समस्याएं और बढ़ेंगी। सही समय पर अगर शोध होता है तो उनका इलाज भी संभव हो सकेगा।  
 
मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तपस कुमार ने बताया कि कोविड के बाद मानसिक समस्याओं का कारण जानने के लिए शोध की शुरुआत की जा रही है। सही समय पर जानकारी होने पर इलाज में आसानी होगी, क्योंकि आने वाले समय में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़नी तय है।
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