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गोरखपुर मुठभेड़: आधी रात बड़ी वारदात के लिए निकलने थे दोनों बदमाश, लंबे समय से पुलिस को थी तलाश

Mon, 25 Apr 2022 01:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

रामगढ़ताल पुलिस, स्वाट व एसओजी की रविवार तड़के करीब तीन बजे चिड़ियाघर के पास मुखबिर की सूचना पर गश्त कर रही थी। तभी दो लुटेरे बाइक से आते दिखे। पुलिस के रोकने पर दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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घायल बदमाश से पूछताछ करते एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों ने ही 27 दिसंबर 2021 को एसपी क्राइम ऑफिस के सामने दिनदहाड़े वारदात की थी। इसके अलावा हाल के दिनों में रामगढ़ताल इलाके में भी वारदात को अंजाम दिए थे। इसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। शनिवार आधी रात भी यह दोनों बड़ी वारदात के चक्कर में निकले थे, लेकिन इसके पहले मुठभेड़ में दबोच लिए गए।

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जानकारी के मुताबिक, देवरिया जिले के मदनपुर थानाक्षेत्र स्थित बलरामचक गांव निवासी रामसिंगार यादव फल संरक्षण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वह गांव में जमीन खरीदने के लिए गोरखपुर में एसबीआई की बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा से 27 दिसंबर 2021 को रुपये निकालने के बाद घर लौट रहे थे।

चार लाख रुपयों को बैग में रखकर ई-रिक्शा से रेलवे बस स्टेशन जा रहे थे। गोलघर में एसपी क्राइम कार्यालय के सामने बाइक सवार बदमाशों ने रुपये से भरा बैग छीन लिया। छानबीन करने पर पता चला कि मनोज चौहान, अजीत मिश्रा उर्फ सोनू ने लूट की है। इसके अलावा कैंट के बेतियाहाता, रामगढ़ताल में लूट की दो और वारदात में भी शामिल थे।
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32 लाख की लूट कर फैलाई थी सनसनी

नौ जनवरी 2021 की रात में सरिया व्यापारी मनीष तुलस्यान के मुनीम रामगढ़ताल के आजाद नगर निवासी उपेंद्र मिश्रा से 32 लाख रुपये की लूट कर बदमाशों ने सनसनी फैला दी थी। सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम ने मुकेश चौहान व उसके साथियों को पकड़ा तो पता चला कि ये दोनों उस लूट की घटना के अलावा 31 दिसंबर 2020 को लूट में नाकाम होने पर चिलुआताल के मानीराम रेलवे क्रॉसिंग के पास नौतनवां के रहने वाले व्यापारी को गोली मारी थी। गोली लगने से घायल व्यापारी की 15 दिन बाद मौत हो गई थी।

दस दिनों में दो मुठभेड़, तीन घायल

बीते 10 दिनों में पुलिस की बंदूक दूसरी बार गरजी। इससे पहले 16 अप्रैल को चौरीचौरा पुलिस की जौनपुर के बिसौनी निवासी पशु तस्कर इमरान से मुठभेड़ हुई थी तब उसे भी पैर में गोली लगी थी।

मनीष हत्याकांड के बाद रामगढ़ताल इलाके में पहला मुठभेड़

गोरखपुर में अंतिम मुठभेड़ मनीष हत्याकांड से पहले हुई थी। तब पुलिस 10 सितंबर 2021 को गगहा की काजल हत्याकांड के आरोपित इनामी बदमाश विजय प्रजापति को मार गिराया था। इसके बाद 27 सितंबर 2021 की रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के कृष्णा होटल में पुलिस की पिटाई से कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत हो गई। जिसमें वहां के थानेदार जेएन सिंह समेत कई पुलिसकर्मी जेल गए थे। उसके बाद जिले में कोई मुठभेड़ नहीं हुई। 16 अप्रैल को चौरीचौरा में मुठभेड़ हुई। मनीष हत्याकांड के बाद रामगढ़ताल इलाके में यह पहला मुठभेड़ है।
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