रोहिन नदी में डूबी पीहू का शव बुधवार सुबह पीएसी फ्लड टीम और एनडीआरएफ के गोताखोरों ने खोज निकाला। दो दिन से बेटी की तलाश में नदी किनारे बैठे परिवार की उम्मीद उस समय टूट गई, जब मासूम का शव बाहर निकाला गया। बेटी को देखते ही मां गीता चीख पड़ीं और कुछ देर बाद बेसुध हो गईं।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। देर शाम परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया। तिवारीपुर थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी माधोपुर निवासी विक्की यादव की बेटी पीहू मंगलवार को अपने फुफेरे भाई सर्वेश और मोहल्ले के दो अन्य बच्चों के साथ रोहिन नदी की तरफ चली गई थी।
घरवालों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चों का यह खेल कुछ ही देर में परिवार के लिए कभी न भरने वाला घाव बन जाएगा। पीहू के पिता विक्की यादव दूध का कारोबार करते हैं। परिवार में पत्नी गीता के अलावा बेटा किशन, बेटी श्वेता और चार साल का छोटा बेटा लड्डू है।
बेटी की तलाश के दौरान बाबा कलोट यादव और दादी ज्ञानती देवी भी नदी किनारे पहुंच गए थे। दोनों मासूम की सलामती के लिए दुआ करते रहे, लेकिन बुधवार को मिली खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
भैंस के पीछे चलते-चलते नदी तक पहुंच गए थे बच्चे
चिलुआताल थाना क्षेत्र के जमानिया गांव निवासी सर्वेश यादव (13) मंगलवार सुबह अपनी मां गुंजन और छोटे भाई शान के साथ ननिहाल आया था। सर्वेश निजी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। करीब 10 बजे पहुंचने के बाद वह कुछ देर बाद अपने मामा की बेटी पीहू और मोहल्ले के दो अन्य बच्चों के साथ बाहर चला गया।
बताया जा रहा है कि बच्चे भैंस के पीछे-पीछे रोहिन नदी की ओर पहुंच गए। इसी दौरान वे नदी में उतर गए और हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की मदद से तलाश शुरू की। सूचना पर पुलिस और राहत टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। मंगलवार दोपहर बाद राहत टीम ने सर्वेश का शव बरामद कर लिया था।
इसके बाद पीहू की तलाश जारी रही। रात तक खोज अभियान चलने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था। बुधवार सुबह पीएसी फ्लड टीम और एनडीआरएफ के गोताखोरों ने दोबारा अभियान शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद पीहू का शव नदी से बाहर निकाला गया। मासूमों की मौत से माधोपुर और आसपास के इलाके में शोक की लहर है।