नगर में सुबह सवेरे टहलने वाले लोगों के बीच एक बार निकाय चुनाव की चर्चा जरूर हो रही है। टहलने के बाद जब लोग एक दूसरे से मिलते हैं तो महापौर प्रत्याशी को लेकर बहस शुरू हो जा रही। मंगलवार की सुबह पौने सात बजे नौकायन पर बने बेंच पर बैठे लोगों के बीच इसी मुद्दे पर चर्चा हो रही थी।
रामानंद गौतम ने कहा अरे भाई, सिर्फ अपनी नहीं, जनसुविधाओं का ध्यान रखने वाले महापौर का चुनाव किया जाएगा। तभी राम रतन ने उनकी बातों का समर्थन करते हुए कहा कि वकील साहब की बात सही है। महापौर कोई भी चुना जाता है, तो उसे कुर्सी से प्रेम हो जाता है। वह सिर्फ अपने बारे में सोचने लगता है।
इसी बीच पुनीत कुमार ने कहा कि हमारा महापौर सभी नागरिकों की सुख सुविधाओं का ध्यान रखने वाला ही होना चाहिए। उमेश कुमार ने भी इस पर हामी भरी। गोरख प्रसाद ने कहा कि महापौर को नगर की हर समस्याओं पता होना चाहिए। तभी प्रमोद कुमार ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप लोग बेवजह इतनी बात कर रहे हैं। भाई साहब, जीतने के बाद कोई आता-जाता नहीं। गिने चुने कार्यक्रमों तक ही महापौर की भागीदारी रहती है।
प्रमोद की बात पूरी होते ही प्रह्लाद ने कहा कि मोहल्लों में मच्छर लग रहे हैं, लेकिन दवाओं का छिड़काव (फाॅगिंग) नहीं हो रही। इसी बीच नया सवेरा की तरफ से टहलते हुए प्रद्युम्न शाही और गोपाल सिंह आ गए। उन लोगों ने भी महापौर के चुनाव को लेकर आपस में बातचीत शुरू कर दी। उनसे कुछ ही दूरी पर मौजूद किशन गुरनानी ने कहा कि शहर में नाले की समस्या है।
तारामंडल क्षेत्र के कई मोहल्लों में बिजली के हाईटेंशन तार लोगों के घरों की छत से गुजरे हुए हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बिजली निगम के कर्मचारी रुपये मांगते हैं। हम लोगों को ऐसा महापौर चुनना है, जो इस परेशानी को दूर कर सकें।
- प्रद्युम्न शाही, भरवलिय बुजुर्ग
जीडीए की कॉलोनी में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। सफाईकर्मी हर माह सौ रुपये लेते हैं तभी कूड़ा उठाते हैं। जब हम लोग हर माह पैसे दे रहे हैं तो टैक्स देने का क्या फायदा। नगर निगम की व्यवस्था दुरुस्त करने वाले महापौर का चुनाव किया जाएगा।
- गोपाल शाही, कजाकपुर
महापौर संवेदनशील होना चाहिए। वह जन समस्याओंं का प्राथमिकता से निस्तारण करें। नगर निगम कार्यालय पर आने वाली शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता है। ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए। महापौर को इस पर ध्यान देना होगा।
- रामानंद गौतम, तारामंडल
महापौर हों या पार्षद, सभी प्रत्याशी बड़े ही जोरशोर से कर्मठ होने के दावे कर रहे हैं। चुनाव के बाद असलियत सामने आती है, जिनको शहर की जिम्मेदारी दी गई है वह लोग जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।
- रामरतन, तारामंडल