उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। गुरुवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के तीन संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं। जबकि ऑपरेशन के बाद एक और मरीज को डिस्चार्ज किया गया है। इसके अलावा जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि न होने पर एक संदिग्ध मरीज को भी डिस्चार्ज किया गया। वहीं, लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती 44 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है।
जानकारी के मुताबिक पोस्ट कोविड ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीन मरीजों में फंगस के लक्षण मिले हैं। इन मरीजों को पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती कर लिया गया।
इसके बाद वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या 35 हो गई। वहीं शुक्रवार को जिस मरीज का ऑपरेशन हुआ था, उसे डिस्चार्ज किया गया है। जबकि एक और मरीज भर्ती था, उसके कल्चर एंड सेंसटिविटी की जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हुई। उसमें व्हाइट फंगस मिला।
मरीज को आवश्यक दवाओं की सलाह देते हुए घर भेज दिया गया है। वही दूसरी ओर जिले के ब्लैक फंगस से पीड़ित एक मरीज की मौत लखनऊ में हुई है। मरीज केजीएमयू में भर्ती था। उसे शहर के निजी अस्पताल से रेफर किया गया था। उसकी उम्र 44 वर्ष थी। इसके साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या छह हो गई है।
बीआरडी के नोडल अधिकारी डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि बीआरडी के पोस्ट कोविड वार्ड में इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत नहीं हुई। ज्यादातर मरीजों की हालत खतरें से बाहर है।