शेड्यूल एच व एक्स में शामिल हैं नारकोटिक्स की दवाएं
जिले में नशीली दवाओं के काले धंधे का इतिहास पुराना है। इसमें भालोटिया मार्केट के कई व्यापारी शामिल बताए जाते हैं, जो महराजगंज के रास्ते नेपाल, देवरिया और कुशीनगर के रास्ते बिहार, बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों में नशीली दवाएं भेजते हैं। जबकि, शेड्यूल एच व एक्स में शामिल नारकोटिक्स की सभी दवाओं का हिसाब-किताब विभाग सहित नारकोटिक्स विभाग को देना होता है। आरोप है कि विभाग की शह पर दवा व्यापारी एक भी हिसाब-किताब नहीं देते हैं।
अफीम से बनता है फेंसिडिल सिरप
विशेषज्ञों ने बताया कि फेंसिडिल सिरप कोडीनयुक्त है। इसका इस्तेमाल खांसी के मरीज करते हैं, लेकिन यह दवा एनडीपीएस की श्रेणी में शामिल है। यह सिरप अफीम से बनाया जाता है। बताया जा रहा है कि गुप्ता बंधुओं को बचाने के लिए तीनों व्यापारी ड्रग विभाग के यहां चक्कर लगा रहे हैं। ड्रग विभाग का एक कर्मचारी और एक अधिकारी उन्हें बचाने में जीन जान से जुटा है। यही कारण है कि अब तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। दोनों भाई दुकानें बंद करके फरार हैं।
ड्रग विभाग ने अपनी तरफ से सभी कार्रवाई कर दी है। गिरफ्तारी पुलिस की टीम करेगी। विभागीय जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -एजाज अहमद, सहायक औषधि आयुक्त