गोरखपुर मंडल में सपा-बसपा का खाता नहीं खुला
गोरखपुर मंडल में सपा व बसपा का खाता तक नहीं खुला है। इस मंडल की 28 में से 27 सीटें भाजपा ने जीत ली हैं। महराजगंज की फरेंदा सीट से कांग्रेस को जीत मिली है। 2017 के विधानसभा चुनाव में देवरिया की भाटपाररानी सीट सपा ने जीती थी, लेकिन इस बार हार का सामना करना पड़ा है। भाटपाररानी से भाजपा को जीत मिली है। इसी तरह गोरखपुर के चिल्लूपार से बसपा जीती थी, जिसपर भाजपा का कब्जा हो गया है।
तीन सीटों पर पहली बार मिली जीत
मंडल की तीन सीटें ऐसी हैं, जिनपर भाजपा व उसके सहयोगी दलों को पहली बार जीत मिली है। देवरिया की भाटपाररानी सीट पर पहली बार कमल खिला है। यह सीट लंबे समय से सपा के पास थी। इसी तरह गोरखपुर की चिल्लूपार विधानसभा सीट से भाजपा पहली बार जीती है। महराजगंज की नौतनवां सीट भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के पास है। इसपर भी पहली बार जीत मिली है।
निर्दलीय को सपा-बसपा से ज्यादा वोट
महराजगंज सदर (सुरक्षित) सीट से निर्दलीय प्रत्याशी निर्षेश मंगल को सपा और बसपा प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले हैं। इस सीट से भाजपा को जीत मिली है, लेकिन बसपा व सपा तीसरे-चौथे स्थान पर हैं।
भाजपा को एक सीट का नुकसान
इस चुनाव में सुरक्षित की एक सीट का भाजपा को नुकसान हुआ है। 2017 के चुनाव में गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी आठ सीटें भाजपा ने जीती थीं, लेकिन इस बार बस्ती की महादेवा सीट सपा-सुभासपा गठबंधन ने जीत ली है।