गोरखपुर में अगर शहर के किसी अस्पताल या नर्सिंग होम में आपके बच्चे का जन्म होता है तो वहां से भी नवजात का जन्म प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। नगर निगम ने शहर के 143 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम को प्रमाणपत्र बनाने के लिए सुविधा प्रदान कर दी है। ऐसे में इन प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए नगर निगम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं अगर बच्चा एंबुलेंस में पैदा होता है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र शहर या ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बन जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह प्रावधान किया है कि अगर कोई बच्चा एंबुलेंस में पैदा होता है तो इसकी सूचना एंबुलेंस के ड्राइवर के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देने के आधार पर जारी किया जा सकता है। वही अगर कोई बच्चा घर में पैदा होता है तो क्षेत्र की संबंधित आशा कार्यकर्ता की सूचना के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की ओर से संयुक्त रूप से जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया है। इसी के अंतर्गत नगर निगम, सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। साथ ही नगर निगम की ओर से इन सभी को लॉग-इन और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है।