अरिगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क, वंडालूर, चेन्नई से दो रिटीकुलेटेड पाइथन और दो बोनट बोनट बुधवार को चिड़ियाघर आएंगे। कुछ दिन पहले इनके लिए पत्राचार किया गया था, जिसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने स्वीकार कर भेजे जाने की अनुमति दे दी है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चेन्नई से कानपुर प्राणी उद्यान तक कानपुर प्राणी उद्यान की टीम लेकर आई। वहां से गोरखपुर चिड़ियाघर लाने के लिए डॉ. रवि यादव की देखरेख में टीम गई थी।
बताया कि रिटीकुलेटेड पाइथन सबसे बड़े सांपों में से एक होता है। इसके शरीर पर विशेष प्रकार के धब्बे होते हैं। या कभी-कभी मनुष्य का भी शिकार कर लेता है। इसकी औसत लंबाई 15 से 20 फीट होती है तथा शरीर का भार 50 किलोग्राम होता है।
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यह मुख्य रूप से दक्षिण तथा दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में पाया जाता है। अभी तक प्राणी उद्यान में इस प्रजाति का सांप नहीं था। दर्शकों के लिए एक अलग ही कौतूहल पैदा करेगा।
वहीं, प्राणी उद्यान में बोनट बंदर का बाड़ा पहले से ही बनकर तैयार था। अभी इसमें केवल एक मादा बंदर ही है। बुलेट बंदर का नया जोड़ा के आने से प्राणी उद्यान का यह बाड़ा भी अब भर जाएगा।