राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल । (फाइल फोटो)।
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राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कोर्ट से बरी होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास था कि राजनैतिक द्वेष के साथ दर्ज कराए गए मुकदमे में मुझे न्याय मिलेगा। मैं आभारी हूं न्यायालय का, जहां से मेरिट के आधार पर फैसला दिया गया है।
राज्यसभा सांसद ने भारतीय न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास एवं आभार प्रकट करते हुए कहा कि इसके पहले भी राजनीतिक द्वेषपूर्ण तरीके से हमारे ऊपर अपराधिक मुकदमा तथा लोक आयुक्त न्यायालय में दो मुकदमें दर्ज कराए जा चुके हैं। इस मुकदमे की तरह ही हम पहले भी दोनों मुकदमों में हम दोषमुक्त घोषित किए गए थे।
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डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि हम पूरी ईमानदारी के साथ सिर्फ नागरिकों के जीवन को लक्ष्य बनाकर काम करने में विश्वास रखते हैं और राजनीतिक द्वेषपूर्ण आचरण को संज्ञान में नहीं लेते हैं।
क्या था मामला
यह 27 मई 2015 का मामला है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार को सुबह बंद कर दिया गया था। टहलने गए लोगों ने हंगामा कर दिया था। नागरिकों की सूचना पर तत्कालीन नगर विधायक और वर्तमान में राज्य सभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल भी पहुंच गए। इसी बीच गेट का ताला तोड़ दिया गया। इस विश्वविद्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता का आरोप लगाया था। ऐसे में बॉम्बे सिक्योरिटी के गार्ड ने डॉ. राधा मोहन अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज कराया था।