- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के नजदीक होने से बड़े निवेशकों को भाने लगा गीडा का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले का दक्षिणांचल अब औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। औद्योगिक नीति और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी का लाभ लेते हुए धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप तेज रफ्तार से आकार ले रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के नजदीक होने से यह परियोजना निवेशकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन गई है। यहां उद्योग लगाने के लिए निवेश प्रस्ताव मिलने शुरू हो गए हैं।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने यहां दो बड़े निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटित की है, जबकि एक अन्य प्रमुख समूह ने भी अपनी पसंद की भूमि चिह्नित कर ली है। इससे दक्षिणांचल को उद्योग नगरी की नई पहचान मिलने की शुरुआत हो गई है। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप कुल 6876 एकड़ में विकसित हो रही है जो 17 अधिसूचित गांवों में फैली होगी। यह क्षेत्र पूर्वांचल का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल लैंड बैंक बनने जा रहा है। पहले चरण में 800 एकड़ भूमि विकसित की जा रही है।
गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक के अनुसार, औद्योगिक सेक्टर एस-5 में अडानी समूह को अंबुजा सीमेंट यूनिट के लिए 46.63 एकड़ एवं श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। दोनों निवेशकों की ओर से लगभग 4200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब 6500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये के निवेश से कैंपा कोला यूनिट के लिए 50 एकड़ भूमि पसंद की है। अन्य कई निवेशक भी क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
सीईओ अनुज मलिक का कहना है कि धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप भविष्य में गोरखपुर दक्षिणांचल के विकास में गेम चेंजर साबित होगी और क्षेत्र को औद्योगिक पहचान के साथ रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।