महोत्सव समिति ने उन कलाकारों के नाम तय कर दिए हैं, जो गोरखपुर महोत्सव में शिरकत कर रहे हैं। बिहार की मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर भी महोत्सव के दूसरे दिन शाम छह बजे, अपने सुरों का जलवा बिखेरेंगी। 13 जनवरी को भोजपुरी नाइट के बाद कवि सम्मेलन का मंच सजेगा। इसमें देश के चार नामवर कवियों की रचनाएं श्रोताओं को सुनने को मिलेंगी।
कवि सम्मेलन में जिन कवियों को आमंत्रित किया गया है, उनमें पद्मश्री सुनील योगी, दिनेश बावरा, विष्णु सक्सेना और पद्मिनी सक्सेना शामिल हैं। एक और कवि सम्मेलन महोत्सव के अंतिम दिन 16 जनवरी को भी आयोजित किया जाएगा। इसमें स्थानीय कवि प्रस्तुति देंगे। महोत्सव में दर्शकों को पारंपरिक नृत्य भी देखने को मिलेंगे। फरुआही नृत्य मशहूर कलाकार विंध्याचल आजाद और उनके साथी प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा हरियाणा के घूमर और पनिहारी नृत्य और मध्य प्रदेश का बधाई और नीरता नृत्य का आनंद भी दर्शकों को मिलेगा। शारदा संगीतालय की ओर से विवाह संस्कार गीतों की प्रस्तुति भी महोत्सव का आकर्षण होगी। इसके अलावा चौरीचौरा कांड पर आधारित नाटक की प्रस्तुति भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। साथ ही भिखारी ठाकुर की कृति विदेशिया पर आधारित नाटक की प्रस्तुति भी महोत्सव के दौरान की जाएगी। दोनों ही नाटकों का मंचन मुक्ताकाशी मंच पर किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले स्थानीय कलाकारों के नाम भी तय कर लिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर उन्हीं कलाकारों को अवसर दिया गया है, जिन्होंने पिछले गोरखपुर महोत्सव में प्रस्तुति नहीं दी थी।