दो हिस्सों में हो रहा निर्माण
निर्माण कार्य में तेजी के लिए 91 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण दो हिस्सों में कराया जा रहा है। एक हिस्सा गोरखपुर के जैतपुर से फुलवरिया तक का है इसकी लंबाई 47.50 किलोमीटर है। दूसरा हिस्सा गोरखपुर के कम्हरिया घाट से आगे आंबेडकर नगर से आजमगढ़ तक का है। इसकी लंबाई 43.50 किलोमीटर है।
पहला भाग
गोरखपुर के जैतपुर से फुलवरिया
लंबाई 47.50 किलोमीटर
लागत 1774 करोड़
फ्लाई ओवर-4
बड़े ब्रिज-5
छोटे ब्रिज-7
अंडरपास-66
टोल प्लाज-4
रैंप प्लाजा-3
दूसरा भाग
गोरखपुर के कम्हरिया घाट से आगे आंबेडकर नगर से आजमगढ़
लंबाई 43.50 किलोमीटर
लागत 1250 करोड़
फ्लाई ओवर 3
बड़े- ब्रिज 4
छोटे ब्रिज 6
टोल प्लाजा 4
चार जिलों से होकर गुजरेगा लिंक एक्सप्रेस वे
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे चार जिलों से होकर गुजरेगा। गोरखपुर, संतकबीर नगर, अंबेडकर नगर और आजमगढ़ को आपस में जोड़ेगा, लेकिन फायदा कई जिलों के लोगों को मिलेगा। निर्माण कार्य से जुड़े अफसरों का कहना है कि लिंक एक्सप्रेस वे के बनने से सुल्तानपुर, जौनपुर, वाराणसी, मऊ, बलिया व बस्ती की राह भी आसान हो जाएगी। हर जिले के लिए कनेक्टिविटी दी जा रही है। स्थानीय संपर्क मार्ग या फिर राज्य मार्ग से जोड़ा जा रहा है।
औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होगा
गोरखपुर में लिंक एक्सप्रेस के आसपास औद्योगिक कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा। दोनों तरफ औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। यूपीडा की तरफ से जमीन अधिग्रहण की तैयारी भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार निवेशकों को बता चुके हैं। मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि औद्योगिक कॉरिडोर को नोएडा की तरह विकसित किया जाएगा।
कोरोना की वजह से बाधित रहा निर्माण कार्य
कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर की वजह से गोरखपुर पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे का काम बाधित रहा है। इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लिहाजा, निर्माण कार्य पूरा होने की समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2023 कर दी गई है।
गोरखपुर यूपीडा अधिशासी अभियंता ओंकार भारतीय ने कहा कि अपर मुख्य सचिव गृह के मार्गदर्शन में निर्माण कार्य चल रहा है। दिसंबर 2023 तक निर्माण कार्य पूरा होगा। निर्माण कार्य में यूपीडा की गोरखपुर व आजमगढ़ इकाई लगी है। तेजी से काम चल रहा है।