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UP News: जालसाजी के मामलों में पहले भी घिर चुके हैं बैंककर्मी, ग्रामीण खाताधारकों को बनाते हैं निशाना

Thu, 07 Sep 2023 01:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

कर्मचारी अंगूठे का निशान धुंधले तरीके से लगाते थे, फिर दूसरे कर्मचारी को मिलाकर खाते से रुपये निकाल लेते थे। ये लोग ऐसे खाताधारकों को निशाना बना रहे थे, जो पढ़े लिखे नहीं होते थे और इनकी करतूत की शिकायत नहीं कर पा रहे थे।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बैंक में जालसाजी कर आम लोगों के रुपये हड़पने या फिर गलत तरीके से लोन देकर बैंक को चूना लगाने के जिले में कई मामले सामने आ चुके हैं। अभी कुछ दिन पहले ही शाहपुर पुलिस ने बैंक के अज्ञात कर्मचारियों पर जबरन क्रेडिट कार्ड देकर जालसाजी करने का केस दर्ज किया है।

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पुलिस इस प्रकरण की जांच कर रही है कि फिर एक बड़ा मामला सामने आ गया। इसमें तो सीधे तौर पर बैंक कर्मचारियों ने ही जालसाजी की है। फिलहाल, पुलिस ने जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि जांच में कुछ और लोगों के भी नाम सामने आ सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों के पास हर ग्राहक का डिटेल होता है। नाम पता के अलावा कौन हस्ताक्षर करता है और कौन अंगूठा लगाता है, यह पूरी जानकारी होती है। दूसरे वह हस्ताक्षर कैसे करता है, यह भी जानकारी होती है। इसी का फायदा जालसाजी करने वालों ने उठाया है।
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इसे भी पढ़ें: इंडियन बैंक के 63 खातों से कर्मचारियों ने जालसाजी कर निकाले 10.61 लाख, पुलिस ने शुरू की जांच

कर्मचारी अंगूठे का निशान धुंधले तरीके से लगाते थे, फिर दूसरे कर्मचारी को मिलाकर खाते से रुपये निकाल लेते थे। ये लोग ऐसे खाताधारकों को निशाना बना रहे थे, जो पढ़े लिखे नहीं होते थे और इनकी करतूत की शिकायत नहीं कर पा रहे थे। एक दिन एक खाताधारक संयोग से प्रबंधक के पास पहुंच गया और उसका पढ़ा लिखा बेटा भी आ गया, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
 

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पहले हुई घटना

एक सितंबर 2023 : शाहपुर के पादरी बाजार के मानस विहार कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने बैंक कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। उनका आरोप है कि क्रेडिट कार्ड की उन्हें कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन जबरन भेज दिया गया। बैंक जाने पर लॉक होने की जानकारी दी गई और उसके पास ही आए फोन कॉल से जालसाजी हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

08 जनवरी 2020 : कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।

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18 अप्रैल 2023 : शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।

25 जून 2021 : कैंट थाने में व्यापारी कमल रुंगटा ने केस दर्ज कराया। उनका आरोप था कि उनकी पत्नी कला देवी और बहू स्वाती रुंगटा का बेतियाहाता स्थित एक्सिस बैंक में खाता है। दोनों ने संयुक्त लाकर लिया है। लॉकर से 30 लाख रुपये कीमत के गहने गायब हुए थे। जिसमें सोने के दो हार, चार टप्स, एक अंगूठी, दो सोने की चूड़ी, हीरे का एक हार व दो टप्स, सोने के 14 सिक्के थे।

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18 जुलाई 2022 : बड़हलगंज इलाके के एक शख्स की जमीन पर गलत तरीके से ऋण देने के मामले में आरोपी यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक अब्दुल मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। वह राजघाट के रहमत नगर का निवासी है। आरोप था कि 2004 में मदरिया शाखा प्रबंधक रहने के दौरान उसने जालसाजी की थी।
 
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