एक सितंबर 2023 : शाहपुर के पादरी बाजार के मानस विहार कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने बैंक कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। उनका आरोप है कि क्रेडिट कार्ड की उन्हें कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन जबरन भेज दिया गया। बैंक जाने पर लॉक होने की जानकारी दी गई और उसके पास ही आए फोन कॉल से जालसाजी हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
08 जनवरी 2020 : कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।
इसे भी पढ़ें: इंडियन बैंक के 63 खातों से कर्मचारियों ने जालसाजी कर निकाले 10.61 लाख, पुलिस ने शुरू की जांच
18 अप्रैल 2023 : शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।
25 जून 2021 : कैंट थाने में व्यापारी कमल रुंगटा ने केस दर्ज कराया। उनका आरोप था कि उनकी पत्नी कला देवी और बहू स्वाती रुंगटा का बेतियाहाता स्थित एक्सिस बैंक में खाता है। दोनों ने संयुक्त लाकर लिया है। लॉकर से 30 लाख रुपये कीमत के गहने गायब हुए थे। जिसमें सोने के दो हार, चार टप्स, एक अंगूठी, दो सोने की चूड़ी, हीरे का एक हार व दो टप्स, सोने के 14 सिक्के थे।
इसे भी पढ़ें: ढाबे में आपत्तिजनक हालत में मिले चार जोड़े, इसके आड़ में चल रहा था अवैध धंधा
18 जुलाई 2022 : बड़हलगंज इलाके के एक शख्स की जमीन पर गलत तरीके से ऋण देने के मामले में आरोपी यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक अब्दुल मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। वह राजघाट के रहमत नगर का निवासी है। आरोप था कि 2004 में मदरिया शाखा प्रबंधक रहने के दौरान उसने जालसाजी की थी।