फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: अब सफाई के चलते लेट नहीं होंगी ट्रेनें, लगाई जाएंगी ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट

Thu, 08 Sep 2022 12:40 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके द्वारा रेक की धुलाई में पानी की लगभग 80 प्रतिशत बचत हो रही है। कम समय मे धुलाई के साथ ही मैन पावर की बचत होगी।
विज्ञापन
ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अब सफाई या धुलाई के कारण ट्रेनें लेट नहीं होंगीं। पूर्वोत्तर रेलवे के पांच स्टेशनों पर ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने की तैयारी है। इससे महज पांच मिनट में ट्रेन की 24 बोगियों के बाहरी हिस्से की धुलाई और सफाई हो जाएगी। गोरखपुर स्टेशन पर इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है।

विज्ञापन


सबसे बड़ी बात, एक कोच की धुलाई और सफाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा में छह गुना का अंतर आएगा। वर्तमान में एक कोच की धुलाई में 250 से 300 लीटर पानी का इस्तेमाल होता है। प्लांट लगने के बाद महज 40 से 50 लीटर से धुलाई हो जाएगी। इसमें से भी 80 प्रतिशत पानी रिसाइकिल होकर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।

पूर्वोत्तर रेलवे में वाराणसी मंडल के औड़िहार एवं छपरा कोचिंग डिपो तथा लखनऊ मंडल के गोमती नगर एवं गोंडा कोचिंग डिपो में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि बनारस स्टेशन पर इसे लगा दिया गया है।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

मानव संसाधन की भी बचत

ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लान्ट के लग जाने से मैनपावर (मानव संसाधन) की भी बचत होगी। मैनुअल सिस्टम में प्रति रेक की धुलाई में तीन कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी, प्रतिदिन लगभग 6 रेक की धुलाई पर 18 व्यक्तियों की आवश्यकता होती थी। इस अत्याधुनिक प्लांट के लग जाने से मैनपावर में काफी कमी आई है।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके द्वारा रेक की धुलाई में पानी की लगभग 80 प्रतिशत बचत हो रही है। कम समय मे धुलाई के साथ ही मैन पावर की बचत होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें