अब सफाई या धुलाई के कारण ट्रेनें लेट नहीं होंगीं। पूर्वोत्तर रेलवे के पांच स्टेशनों पर ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने की तैयारी है। इससे महज पांच मिनट में ट्रेन की 24 बोगियों के बाहरी हिस्से की धुलाई और सफाई हो जाएगी। गोरखपुर स्टेशन पर इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है।
सबसे बड़ी बात, एक कोच की धुलाई और सफाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा में छह गुना का अंतर आएगा। वर्तमान में एक कोच की धुलाई में 250 से 300 लीटर पानी का इस्तेमाल होता है। प्लांट लगने के बाद महज 40 से 50 लीटर से धुलाई हो जाएगी। इसमें से भी 80 प्रतिशत पानी रिसाइकिल होकर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे में वाराणसी मंडल के औड़िहार एवं छपरा कोचिंग डिपो तथा लखनऊ मंडल के गोमती नगर एवं गोंडा कोचिंग डिपो में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि बनारस स्टेशन पर इसे लगा दिया गया है।