भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती बरती जा रही है। इसे लेकर तस्करों में खलबली मची है। बुधवार को अमर उजाला में पेज नंबर तीन पर आधार कार्ड दिखाकर खरीदते हैं खाद और कर देते हैं सरहद पार शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया। सीमावर्ती क्षेत्र में यूरिया की तस्करी होने का जिक्र किया गया था। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्र में सख्ती बरतनी शुरू की तो हकीकत सामने आ गई।
उर्वरक की एक दुकान सील कर दी गई। अधिकारियों की सख्ती से सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करों में खलबली मच गई। नौतनवा तहसीलदार ने बुधवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान नौ बोरी यूरिया बरामद कर उर्वरक की एक दुकान सील किया। तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को सुबह तहसील क्षेत्र के गांव करमहवा में जांच की गई। इस दौरान रास्ते में कुछ धंधेबाज बाइक पर यूरिया लेकर जा रहे थे। वाहन को देखते ही तस्कर रास्ते में यूरिया छोड़कर फरार हो गए। कुल नौ बोरी यूरिया बरामद हुई।
करमहवा चौराहे पर जाकर जांच की तो देखा कि एक दुकान खुली हुई थी, जहां से कुछ लोग यूरिया लेकर जा रहे थे। जांच में पता चला कि 380 रुपये में यूरिया बेची जा रही थी। अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक की दुकान सील कर दी गई। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में उवर्रक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि नियम का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को खतौती व आधार कार्ड देखकर ही उर्वरक दें। स्टॉक रजिस्टर ठीक रखने के साथ ही नियम का सख्ती से पालन करें। सीमावर्ती क्षेत्र के करमहवा गांव के दिनेश ने बताया कि सख्ती होने पर तस्कर कुछ दिन रूक जाते हैं, लेकिन जैसे ही ढील होती है, वे धंधे में जुट जाते हैं। कार्रवाई होने से किसानों को राहत मिलेगी, क्योंकि सिंचाई के बाद यूरिया की जरूरत है। जब तस्करी नहीं होगी तो समस्या भी दूर हो जाएगी।