प्रो. जेपी सैनी वर्ष 2010 से 2013 तक विश्वविद्यालय बनने से पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के अंतिम प्राचार्य थे। कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। अब 10 वर्ष बाद उन्होंने कुलपति के रूप में वापसी की है।
नए प्रशासनिक ब्लॉक का किया निरीक्षण
कार्यभार ग्रहण करने से पहले प्रो. जेपी सैनी और प्रो. जेपी पांडेय ने नए प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण किया। प्रो. जेपी पांडेय ने प्रो. सैनी को नए ब्लॉक की खासियत बताई। इसका लोकार्पण बीते 26 सितंबर को ही हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह भवन हस्तांतरित हो जाएगा।
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एमएमएमयूटी के कुलपति रहे प्रो. जेपी पांडेय को बीते 14 मई को एकेटीयू, लखनऊ का कुलपति बनाया गया था। उसके बाद से अब तक उनके पास एमएमएमयूटी के कुलपति का भी प्रभार था। बुधवार को चार्ज देने के बाद प्रो. पांडेय यहां से विदा हुए।
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नैक ए प्लस व रिकॉर्ड 2500 प्लेसमेंट बड़ी उपलब्धि
प्रो. जेपी पांडेय तीन वर्ष दो महीने तक कुलपति रहे। उनके कार्यकाल में एमएमएमयूटी नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड पाने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना था। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में करीब 2500 से अधिक छात्रों को अच्छे पैकेज पर कैंपस प्लेसमेंट मिला। तीन वर्ष पहले विवि की जो एफडी 65 करोड़ की थी, वह इनके कार्यकाल में 130 करोड़ रुपये की हो गई।