आपूर्ति विभाग ने डीजल में मिलावट की जांच के लिए सैंपल लेकर जांच करने के लिए भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टैंकर पर लगा था इंडियन ऑयल का फर्जी लोगो
टैंकर/ब्राउजर पर इंडियन ऑयल का लोगो भी लगा हुआ था। जांच टीम में शामिल इंडियन ऑयल के फील्ड ऑफिसर मो. आमिर ने जांच कराई तो वह फर्जी निकला।
संयुक्त टीम की जांच में मालूम चला कि यह पूरा खेल बस के चालक एवं परिचालक को झांसे में लेकर चल रहा था। चालक व परिचालक को पंप से एक रुपये से 50 पैसे तक कम रेट पर डीजल देने का लालच देकर उनको तैयार कर लेते थे। चालक रुपये बचाने के चक्कर में स्टैंड पर ही तेल भरवा लेते थे। जांच करने पहुंची टीम ने संदेह जताया कि पंप व टैंकर मालिक मिलावटी तेल के साथ घटतौली कर इस खेल को अंजाम दे रहे थे।
ये हैं नियम
पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह ने बताया कि डीजल या पेट्रोल को पंप से ही उसके नाजिल से बेचा जा सकता है। उसको किसी अन्यत्र वाहन में भर कर दूसरे स्थान पर बेचना अवैध है। जिन टैंकर/ब्राउजर से तेल भेजा जाता है, उनकी बाकायदा जांच होती है। देखा जाता है कि कहीं रास्ते में उसमें आग लगने से घटना न हो। पकड़ा गया टैंकर अवैध ढंग से डीजल भर कर भीड़-भाड़ वाले स्थान पर तेल लाकर बेच रहा था। इससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती थी।