धनतेरस के दिन अमर उजाला में गेस्ट एडिटर बनकर गृहलक्ष्मी पधारीं। घर-गृहस्थी का प्रबंधन करने वाली गृहिणी, अखबार का भी संपादन बखूबी कर सकती हैं, इसे शहर की तीन हाउस वाइफ श्वेता सिंह, डॉ. उपमा दूबे और आंचल श्रीवास्तव ने साबित कर दिया। नेशनल हाउस वाइफ-डे के अवसर पर अमर उजाला के तीन नवंबर के संस्करण की खबरों का चयन और संपादन इन्हीं तीन गेस्ट एडिटर ने किया है। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत ‘बनिए गेस्ट एडिटर’ कॉन्टेस्ट जीत कर इन तीन गृहिणियों ने अतिथि संपादक का यह गरिमामयी ओहदा हासिल किया।
गृहणियों ने घर गृहस्थी संभालने की जिम्मेदारी खुद ली है, वरना वे देश भी संभाल सकती है। इस थीम पर अमर उजाला ने नेशनल हाउस वाइफ-डे के अवसर पर यह विशेष आयोजन किया। नेशनल हाउस वाइफ-डे संस्करण की खबरों का चयन करने अतिथि संपादक डॉ. उपमा दूबे, श्वेता सिंह और आंचल श्रीवास्तव दिन में साढ़े ग्यारह बजे मोहद्दीपुर स्थित अमर उजाला सिटी कार्यालय पहुंचीं। अतिथि संपादक की कुर्सी संभालने के बाद रिपोर्टर्स से अभिवादन-परिचय हुआ। घर-गृहस्थी, परिवार संभालने वाली इन गृहिणियों की सकारात्मक ऊर्जा समाचारों के चयन में भी गजब की नजर आई।
डॉ. उपमा दूबे ने धनतेरस, दिवाली पर बाजार में उत्साह पर समाचार बनाने को प्राथमिकता दी तो श्वेता सिंह ने कोरोना काल के बाद रंग में लौटे बाजार और लोगों की क्रय शक्ति पर फोकस करने वाली खबर को समय की जरूरत बताया। आंचल श्रीवास्तव और श्वेता सिंह ने डेंगू के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताते हुए अखबार में इस विषय को स्थान दिया। आंचल श्रीवास्तव ने खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी कॅरियर मेकिंग की तरह शिक्षा में शामिल किए जाने के विषय को भविष्य के संस्करण में प्रकाशित किए जाने का निर्देश दिया। रिपोर्टर्स की मीटिंग के बाद समाचार पत्र का कलेवर, समाचारों का स्थान निश्चित करने आदि के संबंध में संपादक से परिचर्चा की। आज का अमर उजाला इन्हीं गृहिणी अतिथि संपादकों के कुशल निर्देशन का प्रतिरूप है।
अतिथि संपादकों ने मुहिम की तारीफ की
नेशनल हाउस वाइफ-डे पर गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनाए जाने के लिए आयोजित प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया की तीनों अतिथि संपादकों ने तारीफ की। श्वेता सिंह ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह बीस गृहिणियों का चयन किया गया था, वह ईमानदारी भरा था। होटल रेडिसन ब्लू में आप भी बनिए एडिटर चयन परीक्षा देने बच्चों वाली महिलाएं भी आईं थीं, कुछ पति के साथ आई थीं, समाज के हर वर्ग से थीं। डॉ. उपमा दूबे ने कहा कि जिन बीस प्रतिभाओं का चयन हुआ, वे अमर उजाला की पाठक ही थीं, यानी चयन बिलकुल सही हुआ। आंचल श्रीवास्तव का कहना था कि अतिथि संपादक चयन प्रक्रिया में शामिल होने आई महिलाओं के लिए अमर उजाला की ओर से होटल रेडिसन ब्लू में कार्यक्रम दिवाली का उपहार है।
सम्मान पाकर गदगद हुईं अतिथि संपादक
अमर उजाला की अतिथि संपादक बनने का सम्मान पाकर डॉ. उपमा दूबे, श्वेता सिंह और आंचल श्रीवास्तव गदगद दिखीं। श्वेता सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अमर उजाला का अतिथि संपादक बनने का स्टेटस अपडेट किया है। डॉ. उपमा दूबे ने कहा कि जल्द ही उनका शोध प्रकाशित होने वाला है, वह चाहेंगी कि इस शोध पत्र में उनकी उपलब्धियों में अमर उजाला अतिथि संपादक भी लिखा जाए। आंचल श्रीवास्तव ने कहा कि अमर उजाला का गेस्ट एडिटर बनना उनके पोर्टफोलियो में बड़ा एडिशन है। यह सम्मान उनके नाम के साथ आजीवन जुड़ा रहेगा। तीनों गेस्ट एडिटर ने कहा कि इसके बाद भी वे अमर उजाला के सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा बनना पसंद करेंगी। सामाजिक सरोकारों के संबंध में भी उन्होंने अपनी दृष्टि से अवगत कराया।