बीते 28 जुलाई को इसी गांव के राजा पाठक के इकलौते बेटे अथर्व की मृत्यु भी मेडिकल कॉलेज में मस्तिष्क ज्वर से हो गई थी। गांव के लोगों ने बताया कि लगभग एक माह पहले इसी गांव के राजकुमार साहनी के दो वर्षीय बेटे नितेश की मृत्यु बुखार से हो गई थी।
घरवाले मामूली बुखार समझ कर इधर-उधर दवा करा रहे थे। बुधवार को इसी गांव के राजकुमार गुप्त के आठ माह के बेटे पीयूष को तेज बुखार आने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्रामीण राजकुमार जायसवाल, चंद्रभान गुप्त, सुरेश साहनी, प्रेम, नागेंद्र, रामायन, सुनीता देवी, विशाल आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बच्चों के जीवन पर संकट बना हुआ है। खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विमलेंदु भूषण ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं थी। जांच कराकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।