गोरखपुर। अंबुज मणि उर्फ रीशु की हत्या के बाद अब सोशल मीडिया पर बदले की धमकियों से संबंधित पोस्ट ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया है। कई दोस्तों ने पोस्ट कर अंबुज को यारों का यार बताते हुए बदला लेने की धमकी दी है। ये पोस्ट वायरल भी हो रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि गैंग दो हिस्सों में बंट चुका है। इसके चलते गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन अलर्ट है। पुलिस की साइबर टीम ने गैंग से जुड़े सभी सोशल अकाउंट खंगालने शुरू कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद से ही अंबुज के करीबियों और उसके गुट से जुड़े युवकों की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और स्टेट्स आने लगे हैं। इनमें से कई पोस्ट में सीधे तौर पर लिखा गया है कि अंबुज का बदला लिया जाएगा और साइड काउंटर (हत्या के लिए धमकी भरा प्रयोग किया गया शब्द) होगा। इन पोस्ट के वायरल होते ही पुलिस अलर्ट हो गई है।
एसएसपी के निर्देश पर साइबर टीम ने उन सभी प्रोफाइलों को खंगालना शुरू किया है, जो दोनों गुटों से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि अंबुज के समर्थक और आरोपी पक्ष से जुड़े युवकों के बीच पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई बार तीखी बहस और धमकी भरे मैसेज एक्सचेंज हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह टकराव अब आगे गैंगवार का रूप ले सकता है। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। दोनों गुटों के सक्रिय गुर्गाें की सूची स्थानीय थानों को भेज दी गई है।
सोशल मीडिया पर दी जा रही धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर टीम उन युवकों की पहचान कर रही है, जिन्होंने हिंसा भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है। उनके खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
''''अगर पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो हम करेंगे साइड काउंटर''''
सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिये अंबुज के दोस्तों ने भी साफ कहा है कि हत्यारों को छोड़ा नहीं जाएगा। इनमें से कुछ ने दावा किया कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो हम खुद साइड काउंटर करेंगे। इस तरह के भड़काऊ पाेस्ट का पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के कई युवकों को नोटिस जारी कर थाने में बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। अंबुज हत्याकांड पहले से ही गैंग कनेक्शन और अवैध असलहों की आपूर्ति को लेकर सुर्खियों में है। अब बदले की धमकियों के बाद पुलिस पर दोहरा दबाव है। एक तरफ भागे आरोपियों की गिरफ्तारी, दूसरी तरफ गैंगवार रोकने की चुनौती। पुलिस का कहना है कि किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।