अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में धरना प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन और जिला प्रशासन के बीच टकराव शुरू हो गया है। एक तरफ संगठन के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों के समर्थन में काम बंद, कलम बंद हड़ताल पर हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन ने कुछ कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की जिम्मेदारी दे दी है।
संगठन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्य ने बीएलओ की ड्यूटी करने से साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, संगठन की सदस्य कोई भी ड्यूटी नहीं करेंगी।
जानकारी के मुताबिक, अपनी मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो दिसंबर से कलम बंद हड़ताल शुरू की है। दूसरी तरफ जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने मुख्य सेविकाओं को एक आदेश जारी किया कि रविवार को बूथ डे मनाया जाना है।
सभी सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सूचित करें। जिस बीएलओ की ड्यूटी बूथ पर है, उनकी उपस्थिति जरूरी है। यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो निर्वाचन विभाग कार्रवाई कर कर सकता है।
डीपीओ के इस आदेश के बाद एसोसिएशन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्य मैदान में उतर गईं। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य हड़ताल पर है। ऐसे में जिस भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी बीएलओ में लगी है, वह बूथ पर नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नगर निगम में पहुंचकर धरना प्रदर्शन में शामिल भी होंगी। गीतांजलि मौर्य ने बताया कि रविवार को कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ की ड्यूटी करने नहीं गईं।