हिंदू धर्म में जितना पूर्णिमा का महत्व है उतना ही अमावस्या का भी महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा तो कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है। अमावस्या तिथि हर महीने आती है। पुराणों के अमावस्या को पूर्वजों का दिन कहा जाता है।
अमावस्या के दिन नदी में स्नान कर दान-पुण्य और पितृ तर्पण करना लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि अमावस्या तिथि को व्यक्ति को बुरे कर्म और नकारात्मक विचारों से भी दूर रहना चाहिए। इस साल कुल 14 अमावस्या पड़ेंगी। साल की पहली अमावस्या 12 जनवरी को होगी।
अमावस्या के दिन एवं तिथि
- दर्श अमावस्या 12 जनवरी, मंगलवार
- पौष अमावस्या 13 जनवरी, बुधवार
- माघ अमावस्या 11 फरवरी, बृहस्पतिवार
- फाल्गुनी अमावस्या 13 मार्च, शनिवार
- दर्श अमावस्या 11 अप्रैल, रविवार
- चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल, सोमवार
- वैशाख अमावस्या 11 मई, मंगलवार
- ज्येष्ठ अमावस्या 10 जून, बृहस्पतिवार
- आषाढ़ अमावस्या 09 जुलाई, शुक्रवार
- श्रावण अमावस्या 08 अगस्त, रविवार
- भाद्रपद अमावस्या 07 सितंबर, मंगलवार
- आश्विन अमावस्या 06 अक्तूबर, बुधवार
- कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर बृहस्पतिवार
- मार्गशीर्ष अमावस्या 04 दिसंबर शनिवार
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