पर्यटन विभाग परिसर में गंदगी ऐसी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वच्छता अभियान भी शरमा जाएगा। परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। कार्यालय परिसर में पान के पीक हर जगह दिख जाते हैं। पर्यटकों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
पर्यटन को बढ़ावा देने वाला क्षेत्रीय कार्यालय बदहाली का शिकार है। ये तथ्य बृहस्पतिवार को पड़ताल में सामने आए हैं। पता चला कि पर्यटन कार्यालय में गंदगी का अंबार है। कार्यालय परिसर में प्रवेश करते ही बड़ी-बड़ी झाड़ियां मिल जाएंगी, जिन्हें देखने से लगता है कि परिसर की सफाई वर्षों से नहीं हुई है। हर तरफ गंदगी है। हर कोने में जाले दिख जाएंगे। कार्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
पेयजल का जबरदस्त संकट है। परिसर में लगा सबमर्सिबल करीब दो महीनों से खराब है। इस वजह से कर्मचारी भी परेशान हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। टॉयलेट में पानी तक नहीं है। कर्मचारियों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। वाटर कूलर महीनों से खराब है। पूरे परिसर में इतनी अव्यवस्था है कि पर्यटक इसे देखकर मुंह फेर लेंगे। भूले-भटके अगर कोई पर्यटक पहुंच गया तो अव्यवस्था देखकर उल्टे पांव लौट जाएगा।
नहीं हो सकी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से बात
पड़ताल के दौरान क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों से जब उनके बारे में पूछा गया तो बताया गया कि साहब दौरे पर हैं। इस समस्या और अव्यवस्था पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि पर्यटन कार्यालय में गंदगी और अव्यवस्था का मामला गंभीर है। परिसर की सफाई अच्छे से कराई जाएगी। जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाना है।