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अमर उजाला इंपैक्ट: धूल से मिली आधी राहत, MMMUT के सामने बना ब्रेकर, सालों से जमे अभियंताओं की मांगी गई सूची

Thu, 13 Apr 2023 05:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

रामगढ़ताल क्षेत्र में सर्किट हाउस के ठीक सामने और नौकायन के पास दोनों वाटर बॉडी को विकसित करने के साथ ही इनके सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। इससे होटल मैरियट से लेकर बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह होते हुए सर्किट हाउस तक और नौकायन से लेकर बौद्ध संग्रहालय तक दोनों ही रोड पर मिट्टी की मोटी परत जम जा रही है।
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गंभीर नाथ प्रेक्षागृह रोड पर पानी का छिड़काव कराते हुए। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में उड़ रही धूल से बुधवार को आधी राहत मिल गई। ताल किनारे सुबह टहलने पहुंचे लोगों के अलावा शाम को बड़ी संख्या में नौकायन घूमने पहुंचे लोगों को हवा साफ मिली। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर और सचिव उदय प्रताप सिंह के निर्देश पर कार्यदायी संस्था की तरफ से कार्यस्थल पर पानी का छिड़काव किया गया जिससे रोज की तुलना में बहुत कम धूल उड़ी।

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हालांकि चिलचिलाती धूप और तेज हवा की वजह से सड़क पर पड़ी मिट्टी जल्द सूख जाने से शाम तक कुछ स्थानों पर फिर धूल उड़ने लगी। यानी दोपहर या शाम के वक्त एक बार और पानी का छिड़काव हो जाए तो वाटर पार्क से लेकर नौकायन तक हर समय उड़ रही धूल से पूरी तरह राहत मिल जाने की उम्मीद है।

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रामगढ़ताल क्षेत्र में सर्किट हाउस के ठीक सामने और नौकायन के पास दोनों वाटर बॉडी को विकसित करने के साथ ही इनके सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। इससे होटल मैरियट से लेकर बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह होते हुए सर्किट हाउस तक और नौकायन से लेकर बौद्ध संग्रहालय तक दोनों ही रोड पर मिट्टी की मोटी परत जम जा रही है। निर्माण कार्य में लगे वाहन या आम जन जब गाड़ी लेकर यहां से गुजर रहे हैं तो वहां से उठने वाली धूल, हवा की वजह से पैडलेगंज-नौकायन रोड पर आ जा रही है जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सुबह टहलने वालों से लेकर शुद्ध हवा और मनोहारी दृश्य का आनंद लेने पहुंच रहे स्थानीय लोगों, पर्यटकों का खांस-खांस कर हाल खराब है। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष और सचिव ने रोजाना कार्यस्थल पर पानी का छिड़काव कराने का निर्देश दिया है।

 

एमएमएमयूटी के सामने बना स्पीड ब्रेकर, फास्ट फूड के ठेले भी हटे

एमएमएमयूटी के सामने से फास्ट फूड के ठेले हटे। - फोटो : अमर उजाला।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एमबीए अंतिम सेमेस्टर की छात्रा साक्षी कुमारी की विश्वविद्यालय के सामने ही सड़क पर बाइक की ठोकर से मौत के बाद अब लोक निर्माण विभाग और पुलिस हरकत में आई है। बुधवार को विश्वविद्यालय के गेट के सामने देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर दो स्पीड ब्रेकर बनाए गए। साथ ही फास्टफूड के ठेलों को भी हटवा दिया गया है।

नौ अप्रैल 2023 की शाम को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गेट के सामने एमबीए की छात्रा साक्षी कुमारी को बाइक सवार ने ठोकर मार दी थी। 11 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान साक्षी की मौत हो गई थी। घटना के बाद नाराज विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर विवि गेट के सामने स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की थी।

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वहीं, कुलसचिव ने डीएम व लोक निर्माण विभाग के मुख्य नियंता को पत्र लिखकर स्पीड ब्रेकर बनवाने को कहा था। पहले इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर था, लेकिन जब सड़क फोरलेन बनी तो उसे हटा दिया गया था। वहीं, पिछले आठ माह में विश्वविद्यालय के सामने हादसों में तीन विद्यार्थियों की मौत हो चुकी है। बुधवार को लोक निर्माण विभाग ने दो स्पीड ब्रेकर बनवा दिए। वहीं, पुलिस ने सभी ठेलों को हटवा दिया।
 
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गंडक जोन में सालों से जमे अभियंताओं की शासन ने मांगी सूची

गोरखपुर सिंचाई विभाग के गंडक जोन में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अभियंताओं पर शासन की नजर टेढ़ी हो गई है। मुख्य अभियंता को ई-मेल भेज कर रिपोर्ट मांगी गई है कि कौन अभियंता कितने समय से किस स्थान पर तैनात है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं। अभियंताओं की सालों से एक ही जगह तैनाती की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा है।

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गोरखपुर में गंडक जोन का मुख्यालय है। इसके कुछ डिवीजन ऐसे हैं, जहां तैनाती के लिए अभियंता जुगाड़ लगाते हैं। तैनाती पाने के बाद अभियंता सालों साल यहीं जमे रहते हैं। जबकि शासन के मानक के मानक के अनुसार, एक जिले में तीन साल तथा मंडल में पांच साल से अधिक तैनाती नहीं हो सकती है। लेकिन, गंडक जोन में कई अभियंता 18 साल से जमे हैं। तमाम ऐसे हैं जो अपना जिला और प्रदेश छोड़कर यहीं आसियाना बना लिए हैं। उधर, सूची मांगे जाने के बाद कई अभियंता सत्ता पक्ष के सरपरस्तों से संपर्क साधने लगे हैं।

गंडक जोन के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने कहा कि शासन से तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात अभियंताओं की सूची मांगी गई है। इसमें जेई से लेकर अधीक्षण अभियंताओं का नाम शामिल है। खंडों से जानकारी मंगाई जा रही है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।  

 
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