एमएमएमयूटी के सामने से फास्ट फूड के ठेले हटे।
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एमबीए अंतिम सेमेस्टर की छात्रा साक्षी कुमारी की विश्वविद्यालय के सामने ही सड़क पर बाइक की ठोकर से मौत के बाद अब लोक निर्माण विभाग और पुलिस हरकत में आई है। बुधवार को विश्वविद्यालय के गेट के सामने देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर दो स्पीड ब्रेकर बनाए गए। साथ ही फास्टफूड के ठेलों को भी हटवा दिया गया है।
नौ अप्रैल 2023 की शाम को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गेट के सामने एमबीए की छात्रा साक्षी कुमारी को बाइक सवार ने ठोकर मार दी थी। 11 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान साक्षी की मौत हो गई थी। घटना के बाद नाराज विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर विवि गेट के सामने स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की थी।
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वहीं, कुलसचिव ने डीएम व लोक निर्माण विभाग के मुख्य नियंता को पत्र लिखकर स्पीड ब्रेकर बनवाने को कहा था। पहले इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर था, लेकिन जब सड़क फोरलेन बनी तो उसे हटा दिया गया था। वहीं, पिछले आठ माह में विश्वविद्यालय के सामने हादसों में तीन विद्यार्थियों की मौत हो चुकी है। बुधवार को लोक निर्माण विभाग ने दो स्पीड ब्रेकर बनवा दिए। वहीं, पुलिस ने सभी ठेलों को हटवा दिया।
गोरखपुर सिंचाई विभाग के गंडक जोन में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अभियंताओं पर शासन की नजर टेढ़ी हो गई है। मुख्य अभियंता को ई-मेल भेज कर रिपोर्ट मांगी गई है कि कौन अभियंता कितने समय से किस स्थान पर तैनात है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं। अभियंताओं की सालों से एक ही जगह तैनाती की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा है।
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गोरखपुर में गंडक जोन का मुख्यालय है। इसके कुछ डिवीजन ऐसे हैं, जहां तैनाती के लिए अभियंता जुगाड़ लगाते हैं। तैनाती पाने के बाद अभियंता सालों साल यहीं जमे रहते हैं। जबकि शासन के मानक के मानक के अनुसार, एक जिले में तीन साल तथा मंडल में पांच साल से अधिक तैनाती नहीं हो सकती है। लेकिन, गंडक जोन में कई अभियंता 18 साल से जमे हैं। तमाम ऐसे हैं जो अपना जिला और प्रदेश छोड़कर यहीं आसियाना बना लिए हैं। उधर, सूची मांगे जाने के बाद कई अभियंता सत्ता पक्ष के सरपरस्तों से संपर्क साधने लगे हैं।
गंडक जोन के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने कहा कि शासन से तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात अभियंताओं की सूची मांगी गई है। इसमें जेई से लेकर अधीक्षण अभियंताओं का नाम शामिल है। खंडों से जानकारी मंगाई जा रही है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।