दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को जबसे नैक का ए प्लस-प्लस ग्रेड मिला है, रंगत ही बदल गई है। कल तो जो मुखिया के खिलाफत में थे, अब उनकी सुर में सुर मिला रहे हैं। मुखिया की ताकत को भांप अब वही खेमा उन्हें खुश करने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाह रहा है।
नैक की ग्रेडिंग मिलने के बाद तो होड़ सी लगी है। पिछले दिनों मुखिया से मिलने एक विरोधी धड़े के गुरू जी भी बुके लेकर पहुंचे थे। उनके साथ एक अटेंडेंट भी था। इसी बीच डिग्री कॉलेजों के प्रतिनिधित्व करने वाले दो पदाधिकारी भी पहुंचे। फोटो सेशन हुआ और सभी प्रसन्न चित्त मुद्रा में लौटे।
गुरु जी अपने विभाग में चले गए। कुछ देर बाद याद आया कि उनके अटेंडेंट ने फोटो तो भेजा ही नहीं। फिर फेसबुक के पोस्ट खंगाले कुछ नहीं, बल्कि दूसरे लोगों की फोटो दिख गई। अटेंडेंट को बुलाए और बोले तुम तो सारे किए धरे पर पानी डाल दोगे। साहब फेसबुक देखते रहते हैं।
अटेंडेंट ने फोटो अपलोड कर दी, बाहर निकला और बुदबुदाते हुए कहा, चापलूसी में होड़ लगी है। जब यही करना था तो फिर क्यूं विरोध का नाटक करते हो। यह सुनकर वहां खड़े दो कर्मचारी भी मौज लेने लगे।