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अमर उजाला कैंपस डायरी: मुखिया की ताकत देख खुश करने में जुटे लोग, बोले- फेसबुक पर फोटो डालो, साहब देखते हैं...

Wed, 08 Feb 2023 10:53 AM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

नैक की ग्रेडिंग मिलने के बाद तो होड़ सी लगी है। पिछले दिनों मुखिया से मिलने एक विरोधी धड़े के गुरू जी भी बुके लेकर पहुंचे थे। उनके साथ एक अटेंडेंट भी था। इसी बीच डिग्री कॉलेजों के प्रतिनिधित्व करने वाले दो पदाधिकारी भी पहुंचे।
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MMMUT/DDU - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को जबसे नैक का ए प्लस-प्लस ग्रेड मिला है, रंगत ही बदल गई है। कल तो जो मुखिया के खिलाफत में थे, अब उनकी सुर में सुर मिला रहे हैं। मुखिया की ताकत को भांप अब वही खेमा उन्हें खुश करने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाह रहा है।

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नैक की ग्रेडिंग मिलने के बाद तो होड़ सी लगी है। पिछले दिनों मुखिया से मिलने एक विरोधी धड़े के गुरू जी भी बुके लेकर पहुंचे थे। उनके साथ एक अटेंडेंट भी था। इसी बीच डिग्री कॉलेजों के प्रतिनिधित्व करने वाले दो पदाधिकारी भी पहुंचे। फोटो सेशन हुआ और सभी प्रसन्न चित्त मुद्रा में लौटे।

गुरु जी अपने विभाग में चले गए। कुछ देर बाद याद आया कि उनके अटेंडेंट ने फोटो तो भेजा ही नहीं। फिर फेसबुक के पोस्ट खंगाले कुछ नहीं, बल्कि दूसरे लोगों की फोटो दिख गई। अटेंडेंट को बुलाए और बोले तुम तो सारे किए धरे पर पानी डाल दोगे। साहब फेसबुक देखते रहते हैं।
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अटेंडेंट ने फोटो अपलोड कर दी, बाहर निकला और बुदबुदाते हुए कहा, चापलूसी में होड़ लगी है। जब यही करना था तो फिर क्यूं विरोध का नाटक करते हो। यह सुनकर वहां खड़े दो कर्मचारी भी मौज लेने लगे।

 

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जो गुड़ खाए वो कान छेदाए

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जबसे बीटेक में फर्जी प्रवेश का जिन्न सामने आया है, आपस में शक बढ़ गया है। प्रोफेसर, अधिकारी और कर्मचारी सभी शक के दायरे में हैं। विश्वविद्यालय में कुछ लोग चिन्हित भी हुए हैं। लेकिन, सब गोपनीय है। दो दिन पहले ही हैकफेस्ट का आयोजन किया गया। एक आचार्य जी कुछ ज्यादा ही सक्रिय थे। उन्हें देखकर कर्मचारियों में चर्चा होने लगी।

एक ने कहा, पता नहीं क्यों मुझे तो आचार्य जी पर भी शक होता है। दूसरे ने तपाक से कहा, और वो साहब जो खेल को उजागर करने की वाहवाही लूट रहे हैं।  पाक-साफ तो वह भी नहीं हैं। फाइल तो उनके टेबल से भी गुजरी है। फिर सभी हंसने लगे और बोले हमें क्या..वो कहावत याद है ना 'जो गुड़ खाए वो कान छेदाए'
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