गोरखपुर। वेतन में कटौती के विरोध में सोमवार को सिटी बसों के परिचालकों ने सुबह छह बजे ही हड़ताल शुरू कर दी। महेसरा चार्जिंग स्टेशन के बाहर करीब 75 परिचालक धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके चलते 25 सिटी बसों का संचालन ठप हो गया। अधिकारियों के आश्वासन पर पांच घंटे बाद परिचालक काम पर लौटे।
पूर्वाह्न 11 बजे तक सिटी बसें नहीं चलने से रोजाना सफर करने वाले चार हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने से अनजान लोग बसों के इंतजार में समय से कार्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों पर नहीं पहुंच सके।
परिचालक रवीश सिंह, आजाद आलम, शिवनाथ, सत्यम, धीरेंद्र बहादुर, दीपक सिंह, मुन्ना कुमार आदि परिचालकों का आरोप है कि नई एजेंसी के आने के बाद पिछले दो महीने से उनका वेतन काफी कम हो गया है। उनका कहना है कि पहले ठेका संभालने वाली कंपनी प्रति किलोमीटर 3.80 से 4.50 रुपये तक भुगतान करती थी, जबकि अब केवल 3.65 रुपये प्रति किमी दिया जा रहा है।
इससे उनकी आय पांच से सात हजार रुपये तक सिमट गई है। इतने कम पैसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली एजेंसी ने चार वर्षों तक पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं दीं और न ही नियमित रूप से वेतन पर्ची उपलब्ध कराई।
आश्वासन पर धरना हुआ समाप्त
क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह व सिटी बस के प्रबंधक एनएन राय धरनास्थल पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की। प्रबंधक एनएन राय ने आश्वासन दिया कि मंगलवार को संबंधित एजेंसी के अधिकारियों के साथ सभी शिकायतों पर गंभीरता से चर्चा कर नियमानुसार कार्रवाई और समाधान कराया जाएगा। आश्वासन के बाद परिचालकों ने धरना समाप्त किया।
बोले अधिकारी
नई एजेंसी की ओर से परिचालक वेतन पाते हैं। एजेंसी ने वेतन को लेकर परिचालकों को पूरी बातें स्पष्ट नहीं किया है। मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया है। उनसे वार्ता कर विसंगतियों को दूर किया जाएगा।
- लव कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, सिटी ट्रांसपोर्ट