पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने एक टीटीई को जनरल क्लास के यात्रियों से वसूली के आरोप में पकड़ा है। टीम ने टीटीई के पास से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त रकम बरामद की है। विजिलेंस ने केस दर्ज कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्वोत्तर रेलवे की विजिलेंस टीम को सूचना मिली थी कि कुछ टीटीई लखनऊ से पाटलिपुत्र जाने वाली ट्रेन के जनरल कोच में यात्रियों से वसूली करते हैं। विजिलेंस की टीम शुक्रवार को गोरखपुर जंक्शन पर पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में सवार हो गई। इस बीच देवरिया में ट्रेन रुकने के बाद टीम जनरल कोच में सवार हुई, जहां पर टीटीई संजय श्रीवास्तव का कैश चेक किया गया।
चेकिंग के दौरान उनके पास से 15 हजार रुपये ज्यादा मिला। पूछताछ के दौरान पता चला कि टीटीई, जनरल कोच से वसूली कर रहे थे। टीम ने टीटीई के खिलाफ रिपोर्ट संबधित विभाग को सौंप दी है। इसके बाद टीम छपरा में उतर गई और वापस गोरखपुर आ गई। बताया जा रहा है कि टीटीई की तैनाती गोरखपुर ईस्ट जोन में है।
गार्ड भी पकड़ा गया था
गोरखपुर से बरौनी जाने वाली अवध एक्सप्रेस के गार्ड ब्रेकयान में मंगलवार को एक गार्ड को भी विजिलेंस की टीम ने यात्रियों से वसूली करते हुए पकड़ा था। गार्ड ने विजिलेंस टीम से भी ब्रेकयान में यात्रा कराने के नाम पर 150 रुपये ले लिए थे।
ड्यूटी से पहले ही घोषित करनी होती है धनराशि
स्टेशन पर टिकट चेकिंग में लगे टीसी हों या फिर ट्रेनों में चलने वाले टीटीई, सबको ड्यूटी शुरू करने के पहले खुद के पास मौजूद नकदी घोषित करनी पड़ती है। ईएफटी पर स्वयं की राशि लिखकर उसपर हस्तारक्षर करने होते हैं। इस दौरान अगर जांच में पूर्व घोषित रकम से अधिक धनराशि मिलती है, तो उसे वसूली मानते हुए कार्रवाई की जाती है। इसी व्यवस्था के आधार पर विजिलेंस की टीम ने पाटलिपुत्र के टीटीई संजय श्रीवास्तव को पकड़ा है।
सीपीआरओ एनईआर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे का सतर्कता विभाग निरंतर निगरानी करता है। इसी क्रम में ट्रेन संख्या 12530 में सतर्कता विभाग के प्रिवेंटिव निरीक्षण के दौरान एक टीटीई के पास अतिरिक्त कैश मिला है। संबंधित टीटीई के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।