संक्रमण से बचाव के लिए कर्मचारी विशेष पीपीई किट, ग्लब्स और फेस मास्क पहनकर काम करेंगे। हर तरह की जांच के लिए लैब को पूरी तरह से एयर प्रूफ बनाया गया है। इसमें अलग-अलग क्यूब भी बनाए गए हैं।
इसकी खासियत यह है कि लैब में बाहर से हवा अंदर नहीं जा सकेगी। लैब के अंदर मौजूद संक्रमित हवा को फिल्टर करके बाहर निकाला जाएगा। लैब के अंदर प्रयोग होने वाले पानी को भी विसंक्रमित कर दिया जाएगा।
आरएमआरसी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि मोबाइल बीएसएल थ्री लैब ग्रामीण इलाकों में जाकर मरीजों की जांच करेगी। इससे पूर्वांचल में नई बीमारियों का पता भी चल सकेगा।