दीवानी न्यायालय में ई-सेवा केंद्र के शुभारंभ पर उपस्थित अतिथि।
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गोरखपुर न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण की स्थिति, सुनवाई की आगामी तिथि आदि की जानकारी पाने के लिए अब वादी-प्रतिवादी को कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होंगे। दीवानी न्यायालय परिसर में शुरू हुए ई-सेवा केंद्र में न्यायपालिका से जुड़ी 15 से अधिक सेवाएं और उनकी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।
जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने 21 सितंबर को दीवानी न्यायालय परिसर में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने बताया कि सभी वादकारी और अधिवक्ता ई-सेवा केंद्र के माध्यम से कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। ई-सेवा केंद्र के उद्घाटन के दौरान अपर जनपद न्यायाधीश-प्रथम, अपर जनपद न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट, अपर जनपद, विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट-4, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा सिस्टम ऑफिसर उपस्थित रहे।
मिलेंगी यह सुविधाएं
- प्रकरण की स्थिति, सुनवाई की आगामी तिथि व अन्य विवरण की जानकारी ।
- प्रमाणित प्रतिलिपियों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता।
- प्रकरणों की ई-फाईलिंग में सहायता।
- न्यायालय शुल्क के ऑनलाइन भुगतान में सहायता।
- ई-कोर्ट्स सर्विसेस एप के बारे में जानकारी।
- वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की जानकारी व सहायता।
- न्यायाधीशों के अवकाश पर होने के बारे में जानकारी।
- नि:शुल्क विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी ।
- जेल में निरुद्ध रिश्तेदारों से मुलाकात के लिए ई-मुलाकात की बुकिंग में सहायता।
- आधार आधारित डिजिटल हस्ताक्षर को लागू करने और प्राप्त करने में मदद।
- विशेष न्यायालय के स्थान उसकी वाद सूची और क्या मामला है, के बारे में प्रश्नों को समझना, सुनवाई के लिए लाया गया है या नहीं।
- आभासी न्यायालयों में यातायात चालान के निपटाने की सुविधा के साथ-साथ की ऑनलाइन कंपाउंडिंग चालान और अन्य छोटे अपराध।
- डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में अन्य सभी प्रश्नों और सहायता ई-कोर्ट परियोजना।
- ई-मेल, व्हाट्सएप या किसी अन्य के माध्यम से न्यायिक आदेश, निर्णय की सॉफ्ट कॉपी प्राप्त कर सकेंगे।