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AIIMS Gorakhpur: प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को पढ़ाई, शोध और नई बीमारियों की जानकारी देगा एम्स

Thu, 19 May 2022 10:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जाकर की समीक्षा, जेई सहित संक्रामक बीमारियों पर शोध की जिम्मेदारी दी।
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मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जाकर की समीक्षा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञ प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों का मार्गदर्शन (मेंटर) करें। जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के इलाज के साथ ही पढ़ाई, नई बीमारियों और नए दवाओं पर शोध कर उसकी गाइडलाइन तैयार करें और डॉक्टरों को बताएं। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर बनाई जा सकेंगी।  

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दो दिवसीय दौरे (18-19) पर गोरखपुर आए मुख्य सचिव ने बुधवार को एम्स का निरीक्षण किया, फिर एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर सहित डॉक्टरों के साथ बैठक करके स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का मंत्र दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि एम्स में नई बीमारियों और दवाओं पर शोध होते रहते हैं। वैक्सीन के ट्रॉयल किए जाते हैं। इसे प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों के साथ साझा करने की जरूरत है। इससे नई बीमारियों की जानकारी सही समय पर मिल जाएगी।

 उन्होंने एम्स के लैब के बारे भी पूछा। इस पर कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स की लैब तैयार है। जांचें भी शुरू हो गई हैं। इस पर मुख्य सचिव ने बीआरडी के साथ मिलकर जेई के जांच के निर्देश दिए । कहा कि जेई और एईएस के रोकथाम में एम्स अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की मदद करे। मई और जून, जुलाई में संक्राम रोग के मामले बढ़ जाते हैं। मलेरिया, डेंगू, जेई, एईएस, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसे लेकर पहले से एम्स में तैयारी होनी चाहिए।
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एम्स लगा रहा जेई का टीका
मुख्य सचिव के जेई, एईएस के इलाज से जुड़े सवाल पर डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स में नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना का टीका भी लगाया जा रहा है। नियमित टीकाकरण में बच्चों को जेई के टीके भी लगाए जा रहे हैं। एम्स से एमबीबीएस कर रहे छात्रों की टीमें लोगों को जेई और एईएस के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। इसे लेकर दो गांवों को गोद भी लिया गया है।

अगले माह 450 बेड मिलने की उम्मीद
मुख्य सचिव को डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स में 350 बेड पर इलाज शुरू हो गया है। 450 बेड पर काम हो रहा है। उम्मीद है कि अगले माह 450 बेड भी एम्स को मिल जाएंगे। लैब में कुछ जांचें शुरू हो गई हैं। अगले माह लैब पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। जल्द ही एम्स का आईसीयू भी शुरू हो जाएगा।

एम्स के डॉक्टर देंगे जेई और एईएस से बचाव की जानकारी
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने बताया कि बीमारियों से लड़ने के लिए एम्स पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में जेई और एईएस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने काफी हद तक काबू पा लिया है। अब एम्स इस दिशा में काम शुरू कर रहा है। जेई के बारे में एम्स के डॉक्टर सप्ताह में एक दिन लोगों को जागरूक करेंगे। इंसेफेलाइटिस की गंभीरता, उससे बचाव और लक्षण के बारे में लोगों को बताने के साथ मीडिया को भी जानकारी देंगे।
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