मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जाकर की समीक्षा।
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञ प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों का मार्गदर्शन (मेंटर) करें। जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के इलाज के साथ ही पढ़ाई, नई बीमारियों और नए दवाओं पर शोध कर उसकी गाइडलाइन तैयार करें और डॉक्टरों को बताएं। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर बनाई जा सकेंगी।
दो दिवसीय दौरे (18-19) पर गोरखपुर आए मुख्य सचिव ने बुधवार को एम्स का निरीक्षण किया, फिर एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर सहित डॉक्टरों के साथ बैठक करके स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का मंत्र दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि एम्स में नई बीमारियों और दवाओं पर शोध होते रहते हैं। वैक्सीन के ट्रॉयल किए जाते हैं। इसे प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों के साथ साझा करने की जरूरत है। इससे नई बीमारियों की जानकारी सही समय पर मिल जाएगी।
उन्होंने एम्स के लैब के बारे भी पूछा। इस पर कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स की लैब तैयार है। जांचें भी शुरू हो गई हैं। इस पर मुख्य सचिव ने बीआरडी के साथ मिलकर जेई के जांच के निर्देश दिए । कहा कि जेई और एईएस के रोकथाम में एम्स अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की मदद करे। मई और जून, जुलाई में संक्राम रोग के मामले बढ़ जाते हैं। मलेरिया, डेंगू, जेई, एईएस, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसे लेकर पहले से एम्स में तैयारी होनी चाहिए।