सबसे अधिक दिक्कत रात में होती है। अगर ड्रिप बदलवाना हो या इंजेक्शन लगवाना हो तो रात में 12 बजे से सुबह 6 बजे तक बहुत मनहार करनी पड़ती है। ड्यूटी पर सो रहे कर्मचारी बड़ी मुश्किल से उठते हैं।
अपने मरीज की देखभाल के लिए फर्श पर बैठीं सुरजावती साफ-सफाई को लेकर नाखुश हैं। कहतीं हैं कि सुबह डॉक्टर साहब के राउंड पर आने से पहले एक बार पोंछा लगता है, उसके बाद पूरे दिन ऐसे ही रहता है।
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लोग बोले
मेरे एक रिश्तेदार के घर की महिला वार्ड नंबर 100 में भर्ती है। मैं उसे देखने गया था। परिजनों ने बताया कि दवा आदि तो मिल जा रही है, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था खराब है।-
श्याम सुंदर यादव, गुलरिहा।
मेरे एक परिचित भर्ती हैं, उनकी कुशलता जानने आया था। बताया कि नए वार्ड में शिफ्ट होने के बाद अब दवा, जांच आदि के लिए बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। डॉक्टर से शिकायत की तो जल्दी ही व्यवस्था में सुधार की बात कही।
-तनवीर, गोरखपुर।