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गोरखपुर: हत्या कर शव फंदे से लटकाने के बाद रोशनदान के रास्ते भागे थे आरोपी, फंदे से लटकी मिली थी लाश

Tue, 03 Oct 2023 01:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

घटना के बाद मौके पर एसपी नार्थ जांच के लिए गए थे, उसी समय रोशनदान के छड़ हटे मिले थे। फिर पिता ने खुदकुशी के लिए उकसाने का जो केस दर्ज कराया, उसमें लिखी गई बात से आधी सच्चाई सामने आ गई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में कैंपियरगंज इलाके के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी की हत्या का आरोपी प्रेमी सुनील और उसके साथी दुर्गेश यादव को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि हत्या करने के बाद खुदकुशी दर्शाने के लिए शव को लटकाया गया और फिर दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद कर रोशनदान के रास्ते फरार हो गए थे। हत्या की वजह शादी का दबाव बनाना सामने आया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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पकड़े गए आरोपियों की पहचान पीपीगंज के जंगल अगही निवासी सुनील गौड़ और दुर्गेश कुमार यादव के रूप में हुई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर व एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कुछ महीने पहले से सुनील किशोरी के घर पर भूसा खरीदने आता था।

इस दौरान उसने किशोरी की मां का मोबाइल फोन नंबर हासिल कर लिया। बातचीत करने के दौरान मां से गहरी दोस्ती हो गई। इसी बीच आरोपी सुनील की बात किशोरी से भी होने लगी, जो धीरे धीरे दोस्ती में बदल गई। उससे प्रेम संबंध हो गया। इस बीच वह गर्भवती हो गई थी। 27 सितंबर को किशोरी की मां ब्रह्मभोज में गई थी।
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इसी बीच सुनील अपने दोस्त दुर्गेश के साथ किशोरी के घर पर पहुंचा। दुर्गेश बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। सुनील ने किशोरी से शारीरिक संबंध बनाया और जाने लगा। इस पर किशोरी शादी का दबाव बनाने लगी तो उसने किशोरी को पास में पड़े तख्त पर पटक दिया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद बाहर खड़े दुर्गेश को बुलाया। फिर दोनों ने मिलकर फंदे से शव को लटका दिया। दरवाजे की कुंडी को अंदर से बंद कर रोशनदान के रास्ते दोनों फरार हो गए थे। पुलिस भी इसे खुदकुशी मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हो गई। पुलिस ने आरोपियों को जेल भिजवा दिया।

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रोशनदान और मां से मिले सुराग से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना के बाद मौके पर एसपी नार्थ जांच के लिए गए थे, उसी समय रोशनदान के छड़ हटे मिले थे। फिर पिता ने खुदकुशी के लिए उकसाने का जो केस दर्ज कराया, उसमें लिखी गई बात से आधी सच्चाई सामने आ गई है। दरअसल, किशोरी के पिता ने जो केस दर्ज कराया, उसमें लिखी गई बातों की जानकारी पत्नी ने ही दी थी।

इससे घटना में शामिल लोगों का पता चल गया, बस साक्ष्य जुटाना था। सीडीआर की मदद से पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मां पर ही संदेह हो गया। मां पुलिस ने हिरासत में लिया। फिर उसने पूछताछ में इस बात को स्वीकार कर लिया किया सुनील से उसकी दोस्ती थी और अब बेटी से भी हो गई थी। इसके बाद ही सुनील को पुलिस ने पकड़ा और पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
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