गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण में अब जल्द ही तेजी आ जाने की उम्मीद है। मिट्टी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने उपाय निकाला है। संबंधित तहसील क्षेत्रों के सभी तालाब खोदवाकर एक्सप्रेस-वे के लिए मिट्टी मुहैया कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस उपाय से दोहरा लाभ होगा। सड़क के लिए मिट्टी तो मिल ही जाएगी, सभी तालाब अपना मूल स्वरूप भी पा लेंगे। इसी बहाने जहां तालाबों पर कब्जा हो गया है उसे भी हटा दिया जाएगा।
दरअसल, 10 दिसंबर को सिकरीगंज के नकौड़ी गांव के पास एक्सप्रेस-वे की समीक्षा में निर्माण कराने वाली कंपनियों ने मुख्यमंत्री के सामने मिट्टी कमी की समस्या उठाई थी। उनका कहना था कि जरूरत के मुताबिक मिट्टी नहीं मिल पाने की वजह से निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा।
इसपर मुख्यमंत्री ने डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को निर्देश दिया था कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मिट्टी की कमी आड़े न आने पाए। इसके बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने यह तय किया खजनी, सहजनवां व सदर तहसील क्षेत्र में जितने भी पोखरे हैं, उन्हें खोदवाकर मिट्टी उपलब्ध कराई जाएगी।