गोरखपुर। एडीजी मुथा अशोक जैन ने ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत संचालित ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ और ‘कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज में कई महिलाएं, विशेषकर नवविवाहित बहुएं, अपनी समस्याओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाती हैं। 18 से 20 वर्ष की आयु में विवाह के बाद जब वे नए माहौल में जाती हैं, तो कई बार सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण मानसिक घुटन का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए गोरखपुर जोन में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ की शुरुआत की गई है।
एडीजी सोमवार को मान्यता प्राप्त समिति की ओर से आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पहल के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को शामिल किया जाता है और विशेष रूप से इसमें पुरुषों को शामिल नहीं किया जाता, ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकें। इस मंच के माध्यम से महिलाओं को न केवल अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलता है बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाता है। कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट के बारे में कहा कि यह व्यवस्था पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम करने का एक सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर जगदीश लाल श्रीवास्तव , शैलेंद्र श्रीवास्तव, अरविंद राय, ओंकार धर द्विवेदी, पंकज श्रीवास्तव, सतीश पांडेय, नवनीत त्रिपाठी, वेद प्रकाश पाठक, उमेश पाठक, अखिलेश पांडेय, हरेंद्र द्विवेदी आदि मौजूद रहे।