पब्लिक एप्रूवल सिस्टम में तीन माह तक लगातार बाटम पांच में रहने वाले पांच थानेदारों को आखिरी मौका दिया गया है। वहीं, 12 थानेदारों को चेतावनी पत्र जारी करने का आदेश एडीजी ने दिया है। एडीजी ने संबंधित जिले के एसएसपी/एसपी को पत्र भेजकर आदेश का अनुपालन कराने को कहा है। एडीजी ने साफ कर दिया है कि लगातार पांच बार बाटम पांच में रहने वालों से थानेदारी छीनी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में लगातार बाटम पांच में रहने वाले थानेदारों में गोरखपुर के गुलरिहा थानेदार मनोज कुमार पांडेय, देवरिया कोतवाली के कोतवाल मृत्युंजय सिंह, मडुआडीह के थानेदार डॉ महेंद्र कुमार, कुशीनगर के विशुनपुरा थानेदार महेंद्र प्रजापति, महराजगंज के फरेंदा के थानेदार संजय कुमार मिश्रा और घुघुली थानेदार देवेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा बस्ती के दुबौलिया थानेदार विनोद कुमार, सिद्धार्थनगर के खेसरहा थानेदार भानुप्रताप सिंह, गोंडा के खरगपुर थानेदार कुबेर तिवारी, करनैलगंज थानेदार सुधीर कुमार सिंह, बलरामपुर के पचपेड़वा थानेदार आलोक राव और श्रावस्ती के मल्हीपुर के थानेदार हर्षवर्धन सिंह भी शामिल हैं। इन्हें आखिरी मौका दिया गया है।
इसी तरह एडीजी ने बाटम पांच या बाटम दो में लगातार दो माह से रहने वाले फरेंदा के संजय कुमार मिश्रा, दुबौलिया के विनोद कुमार, खरगपुर के कुबेर तिवारी, करनैलगंज के सुधीर कुमार सिंह, पचपेड़वा बलरामपुर के आलोक राव और मल्हीपुर के थानेदार हर्षवर्धन सिंह को तत्काल चेतावनी पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। वहां के एसपी व एसएसपी से कहा है कि इन थानेदारों को हिदायत दे कि अगर उनकी रैंकिंग इस माह भी नहीं सुधरी तो उनसे थानेदारी छीन ली जाएगी।
एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली, किस थाने की पुलिस की छवि कैसी है, यह जानने के लिए पब्लिक एप्रुवल सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत आईजीआरएस पर रिपोर्ट, डायरेक्ट पोल सहित पांच बिंदुओं पर पब्लिक से उस थाने के बारे में राय लिया जाता है और फिर जोन स्तर पर रैंकिंग की जाती है। लगातार रैंकिंग खराब आने पर अब कार्रवाई होगी।