सीएम के आदेश पर राजघाट पुलिस ने दर्ज किया था केस
आरोपी महिला ने जमीन बैनामा के लिए चार लाख उधार देकर फर्जी हस्ताक्षर कर ले ली थी ऋण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जमीन के लिए चार लाख रुपये उधार देकर मदद करने के बहाने फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कराकर आठ लाख रुपये की जालसाजी करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया।
आरोप है कि महिला ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया था और उसी की मदद से आठ लाख रुपये ऋण ली थी। बैंक से वसूली का नोटिस आने के बाद इसकी भनक पीड़िता को लगी थी। पीड़िता ने जनता दर्शन में सीएम को प्रार्थनापत्र दी थी, जिसके बाद केस दर्ज कर राजघाट पुलिस ने कार्रवाई की है।
आरोपी महिला की पहचान गोरखनाथ इलाके हुमायूंपुर उत्तरी निवासी गोधना देवी पत्नी सुभाष चंद्र के रूप में हुई है। राजघाट के चकरा अव्वल महेवा चुंगी की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी दीपचंद्र ने केस दर्ज कराया था। महिला ने प्रार्थनापत्र में लिखा है कि जमीन खरीदने करने के लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता थी। इसके लिए पूर्व परिचित गोधना से बातचीत की तो उसने कहा मेरे साथ कचहरी चलो मैं तुम्हारा बैनामा करवा दूंगी।
गोधना ने मुन्नी को चार लाख रुपये दिए और अपने परिचित वकील के पास लेकर गई। 12 अगस्त 2015 को बैनामा हुआ, जिसमें गोधना के लड़के दुर्गेश कुमार ने बतौर गवाह हस्ताक्षर किया। गोधना व उसके पुत्र दुर्गेश कुमार ने मुन्नी देवी से उसी दिन कुछ सादे कागजों पर पर हस्ताक्षर करवा लिया और कहा कि तुम निश्चित होकर रहो मैं तुम्हारा खारिज दाखिल कराकर कागज तुम्हें दे दूंगी।
कुछ समय बाद मुन्नी ने धीरे-धीरे करके गोधना का चार लाख रुपया कई बार में वापस कर दिया। बाद में बैंक से वसूली नोटिस आया तो मुन्नी को पता चला कि उनके जमीन का कागज बंधक रखकर आंध्रा बैक दीवानी कचहरी में फर्जी हस्ताक्षर कर आठ लाख का ऋण लिया गया है।
जानकारी होने पर मुन्नी ने 12 मार्च 2023 को गोधना के घर जाकर शिकायत की तो उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि चुपचाप बैंक का कर्ज जमा कर दो नहीं तो अंजाम बुरा होगा। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।