देवरिया जिले के मगहरा चौराहे पर निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पुलिस ने एक सप्ताह बाद एक आरोपी को मुसैला तिराहे से गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार के गोपालगंज जिले का रहने वाला है। पुलिस ने उसको जेल भेज दिया है। डॉक्टर समेत अन्य आरोपी फरार हैं।
लखना के पांडेयपुर मोहल्ला निवासी जितेंद्र कुशवाहा की पत्नी पुनीता देवी (36) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन एक सप्ताह पूर्व उन्हें नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए थे। डॉक्टर ने देवरिया रेफर कर दिया था। परिजन पुनीता को मगहरा चौराहा स्थित क्लीनिक पर ले गए थे। आरोप है कि डॉक्टर ने पचास हजार रुपये जमा कराकर ऑपरेशन शुरू कर दिया। आपरेशन के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।
इस मामले में पति जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने मकान मालिक, डॉक्टर और अन्य सभी स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
एसओ नवीन चौधरी ने बताया कि बुधवार को सुबह 11 बजे मुखबिर की सूचना पर मुसैला तिराहे से एक युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में वह मगहरा क्लीनिक का स्टाफ निकला। उसने अपना नाम जफीरुल्ला उर्फ जफर अंसारी निवासी मठिया थाना बिजईपुर जनपद गोपालगंज बिहार बताया। उसने जच्चा-बच्चा मौत प्रकरण में शामिल होने की बात स्वीकार की।
उसका कहना था कि क्लीनिक पर वह भी डॉक्टर की पोशाक पहनकर बैठता था। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की भी तलाश चल रही हैं। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी हो जाएगी।